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आते जाते खुबसूरत आवारा सड़कों पे – ब्लागर चर्चा 1

[इस सीरिज में हिंदी के कुछ ऐसे ब्लोगरस (या ब्लोग) की बात करेंगे जो मुझे पसंद हैं, इनमें से कुछ साथ चलते चलते कब दोस्त बन गये पता ही नही चला। इस सफर के लिये इस गीत की चंद लाईने बहुत उपयुक्त हैं - "आते जाते खुबसूरत आवारा सड़कों पे, कभी कभी इत्तेफाक से, कितने [...]

[ More ] January 27th, 2009 | 22 Comments | Posted in जरा हट के |

समस्या स्लम से है या डॉग से या उसे मिलेनियर बनाने वाले से

स्लमडॉग ऐसी फिल्म नही जिस पर इतनी ज्यादा क्रिया प्रतिक्रिया की जाये, कुछ इसे फिल्म से हटकर सोचते हैं और वहाँ पर सवाल या समस्या उठ खड़ा होता है। अब सवाल ये है कि समस्या स्लम से है या डॉग से या उसे मिलेनियर बनाने वाले से? समस्या स्लम से तो होनी नही चाहिये क्योंकि [...]

चेतावनीः कुछ हिंदी ब्लोगस आपके कंप्यूटर के लिये खतरनाक

सर्व साधारण को ये सूचना दी जाती है कि कुछ ब्लोगस जिन्हें आप बड़े चाव से पढ़ते हैं वो आपके कंप्यूटर की ऐसी तेसी करने का सामान मुहया कराते हैं। मुझे नही लगता कि उन ब्लोगस के मालिकों को इसका जरा भी इल्म होगा। आप सोच रहे होंगे ऐसा कैसे? तो ऐसा होता है या [...]

[ More ] January 22nd, 2009 | 13 Comments | Posted in Announcement |

जाको राखे साईंया – क्या वाकई में?

हमारी और आसपास के लोगों की जिंदगी में अक्सर ऐसा कुछ ना कुछ घटित हो जाता है जिससे सभी का ‘जाको राखे साईंया’ कहावत पर यकीन बना रहता है। सवाल ये भी उठ सकता है जब बचाना उसी ने ही है तो वो क्यों ऐसी परिस्थिति आने देता है जहाँ उसे बचाने आना पड़े। इसका [...]

फिल्म समीक्षाः Slumdog Millionaire

स्लमडॉग मिलेनियर को अभी तक हाल में ही संपन्न हुए गोल्डन ग्लोब समेत काफी पुरस्कार मिल चुके हैं। स्लमडॉग मिलेनियर की कहानी एक भारतीय विकास स्वरूप के द्वारा लिखी किताब (Q & A) पर आधारित है। स्लमडॉग मिलेनियर की कहानी स्लम में अपने भाई सलीम के साथ रह रहे एक लड़के जमाल मलिक के इर्दगिर्द [...]

[ More ] January 14th, 2009 | 21 Comments | Posted in फिल्म समीक्षा |

ट्रेडिंगः हम करेंगे सालसा और वो करेंगे बल्ले बल्ले

आजकल देश में डांसरों में सालसा का बड़ा क्रेज है लेकिन वो लेतिनोज लोग शायद उन स्टेपस से उकता गये हैं इसलिये उन्होंने बल्ले बल्ले पर थिरकने की सोची और सोल्जर फिल्म की ‘तेरा रूप बल्ले बल्ले‘ पर थिरकने लगे। यानि कि जल्दी ही हम तो नाचेंगे ही दुनिया को भी उसी धुन पर नचायेंगे, [...]

[ More ] January 11th, 2009 | 3 Comments | Posted in देश दुनिया |

वो भांगे की चटनी, वो नौले का पानी

जगजीत सिंह की गायी मशहूर गजल से २-३ लाईनें उधार लेकर अपने बचपन की यादों को इस गीत गजल में समेटने की कोशिश की है। आज ऐसे ही कुछ सफाई कर रहा था तो २-३ साल पहले लिखी ये गजल मुझे मिल गयी। पहाड़ों में बिताये उन अनमोल पलों को समेटने की कोशिश जो अब [...]

[ More ] January 8th, 2009 | 17 Comments | Posted in शायरी और गजल |

Incredible India: स्टोरी आफ इंडिया

प्रसिद्ध इतिहासकार, लेखक, प्रसारक और प्रस्तुतकर्ता माइकल वुडस की लिखी किताब In Search of Myths and Heroes अभी खत्म ही की थी कि इन्हीं की इंडिया पर बनायी 6 एपिसोड की डॉक्यूमेंट्री देखने का अवसर मिल गया। ये इन्होंने बीबीसी के लिये बनायी थी और आजकल इसका यहाँ अमेरिका के चैनल पर प्रसारण चल रहा [...]

[ More ] January 7th, 2009 | 15 Comments | Posted in देश दुनिया, भारत |

हिंदी ब्लोगिंग का समाचार पत्रों में उल्लेख रामखिलावन की भैंस की खबर जैसा है

पिछले एक साल में हिंदी ब्लोगरस या ब्लोगिंग का हिंदी समाचार पत्रों में कई बार उल्लेख हुआ है अगर एक या दो लेखों को छोड़ दें तो ज्यादातर आलेख पढ़कर लगा कि ये उसी तरह से छपे हैं जैसे रामखिलावन की भैंस की खबर। ज्यादातर सभी आलेखों में अगर मगर करके गिने-चुने १०-१२ ब्लोगस (या [...]

[ More ] January 6th, 2009 | 17 Comments | Posted in बस यूँ ही |
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