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एक और दिन एक और विस्फोट

November 27th, 2008 | 24 Comments | Posted in भारत

इस पोस्ट से किसी भी तरह की शालीनता और सयंम की उम्मीद ना करें। सपने में भी गैर हिन्दुओं के धार्मिक आकाओं को छुने की हिम्मत ना कर सकने वाली सरकार, उसकी पुलिस और रिपोर्टर जब एक साध्वी को मारमार कर ये कबुलवाने में तुली थी कि वो आतंकवादी है। ठीक उसी समय ही शायद ये सब रचा गया होगा कि कैसे मुम्बई को एक बार फिर से उसके घुटनों में लाया जा सकता है।

इतने सारे विस्फोटों के होने के बाद भी ना सरकार को ना गृह मंत्री को शर्म तक नही आती कि उस जॉब से इस्तीफा दे दे जिसे करना उसके बुते की बात नही। ये आज दुःख जतायेंगे और उसके बाद परसों फिर से दुख जताने की तैयारी करेंगे। चीख चीख कर हिंदू आतंकवाद का नारा बुलंद करने वाले रिपोर्टर इन लोगों के साथ भी उनका धर्म जोड़ने की हिम्मत रखते हैं या नही ये देखने का वक्त भी यही है।

वोटों के लालची नेताओं को इंसानी जान से कोई सरोकार ही नही है, इस साल तो हद हो गयी जैसे विकेंड आते हैं वीक में वैसे ही इस आतंकवाद की घटनायें घटी। हर बार बम फटता है और ये दिल क्षोभ और रोष से भर जाता है। अभी सीएनएन (इसमें लाईव आ रहा है यहाँ) में देख रहा था २ आतंकवादियों को मार दिया है २ को पकड़ा है, इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी इन्हें क्या जिंदा पकड़ना जरूरी था? और बिहार के उस युवक को मारना क्यों जरूरी था?

कुछ दिनों तक फिर मीडिया, सत्ता के गलियारों और एटीएस में सरगर्मी रहेगी उसके बाद कुछ दिनों में फिर सब कुछ नार्मल। और फिर एक और दिन होगा और एक और विस्फोट….

एटीएस चीफ हेमंत करकरे और इन घटनाओं में मारे गये तमाम लोगों को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि, हेमंत तुम पर इस देश को नाज रहेगा।

  • ARMY STORMS HOTEL TAJ, GUNBATTLE ON
  • ATS CHIEF HEMANT KARKARE KILLED

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    24 Responses to “एक और दिन एक और विस्फोट”

    1. Gyan Dutt Pandey Says:

      यह तो दुखद है। कौन हैं ये लोग?

    2. सुमो Says:

      हमारी भी हार्दिक श्र्द्धान्जली हेमन्त करकरे को.
      हेमन्त करकरे को तो केवल “हिन्दू आतंकियो” से ही निपटने का अनुभव था. उसने सोचा था कि बस वो जायेगा और उन लोगों को कान पकड़ कर बाहर ले आयेगा. आखिरकार इसी तरह तो उसने सारे के सारे “हिन्दू आतंकवादी” पकड़े थे.

      अब शायद हमें अफजल को छोड़ना पड़े.

    3. Dr. Arvind Mishra Says:

      Now who killed Karkare ? A Hindu terrorist or a muslim terrorist ?
      Let us search and find out !

    4. दिनेशराय द्विवेदी Says:

      इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी इन्हें क्या जिंदा पकड़ना जरूरी था? और बिहार के उस युवक को मारना क्यों जरूरी था?
      यह सवाल बहुत दिनों तक वातावरण में रहेगा, उस का उत्तर शायद ही मिल। हेमंत करकरे की मौत से शायद उन लोगों को सकून मिले जिन की आँख की पिछले दिनों वे किरकिरी थे।
      उन सभी शहीदों को विनम्र श्रद्धांजली जो कर्तव्य करते हुए शहीद हो गए।

    5. arun arora Says:

      सरकार सेना और संतो को आतंकवादी सिद्ध करने जैसे निहायत जरूरी काम मे अपनी सारी एजेंसियो के साथ सारी ताकत से जुटी थी ऐसे मे इस इस प्रकार के छोटे मोटे हादसे तो हो ही जाते है . बस गलती से किरेकिरे साहब वहा भी दो चार हिंदू आतंकवादी पकडने के जोश मे चले गये , और सच मे नरक गामी हो गये , सरकार को सबसे बडा धक्का तो यही है कि अब उनकी जगह कौन लेगा बाकी पकडे गये लोगो के जूस और खाने के प्रबंध को देखने सच्चर साहेब और बहुत सारे एन जी ओ पहुच जायेगी , उनको अदालती लडाई के लिये अर्जुन सिंह सहायता कर देगे लालू जी रामविलास जी अगर कोई मर गया ( आतंकवादी) तो सीबीआई जांच करालेगे पर जो निर्दोष नागरिक अपने परिवार को मझधार मे छोड कर विदा हो गया उसके लिये कौन खडा होगा ?

    6. ताऊ रामपुरिया Says:

      आपका कहना बिल्कुल सही है ! बहुत ही दुखद है ये सब ! ये तो एक तरह का खुल्लमखुल्ला युद्ध है !

    7. seema gupta Says:

      आपकी व्यथा और चिंता स्वभाविक है . हेमंत करकरे और इन घटनाओं में मारे गये तमाम पीडितों को हमारी श्रद्धांजलि,और कुछ कर भी तो नही सकते …

    8. Shiv Kumar Mishra Says:

      हेमंत करकरे आतंकवादियों के साथ मुठभेंड में मारे गए. ये मुठभेंड सच्ची की थी क्या?

    9. कुश Says:

      मानवाधिकार आयोग वाले आते ही होंगे…

    10. Dr.Anurag arya Says:

      शायद हमारी किसी कठोर निर्णयों को लेने की अषमता इन आतंकवादियों के हौसले बुलंद कर रही है……इस वक़्त देश ऐसे मुहाने पर खड़ा है अब भी अगर हम नही चेते तो ये देश नही बचेगा …..अब सिर्फ़ कड़े ओर कड़े निर्णय लेने की जरुरत है …कोई पंडित ,पैर पैगम्बर ,मौलाना ….अमर ,मुलायम ..आजमी ,कासमी कोई भी हो सबको लाठी से हांकना होगा…
      ओर सारे मानवाधिकारियों को ताज में लड़ती टास्क फाॅर्स से पहले उन आतंवादियों से बात चीत करने भेजना चाहिए …..

    11. संजय बेंगाणी Says:

      शोक में डूबा है मन, क्या टिप्पणी दूँ, मन नहीं कर रहा कुछ भी लिखने को.

    12. Sanjay Sharma Says:

      Ye Bhaiya ko maarte hain, Bhai ko Salaam karte hain.Zinda paaye gaye
      Bhaiyon ko 26 Jan.09 ko Delhi ke samaroh sammaanit kiye jaane ki aashanka hai.

    13. Abhishek Ojha Says:

      कल रात के ११ बजे से न्यूज़ देख रहा हूँ… आज कुछ भी कहने की इच्छा नहीं रही.

    14. परमजीत बाली Says:

      बहुत दुखद हादसा है। सच है जिन लोगो के परिवार वाले मारे गए होगें उन का यह जख्म कभी नही भरेगा।कुछ कहते नही बन पा रहा।

    15. डा. अमर कुमार Says:

      यह तक़्ररीरें और यह तहरीरें महज़ दिल बहलाव है..न जाने यह नाराज़ी क्यों ?
      एक भरोसो, एक बल, एक आस विश्वास.. ” होईहें वहि जो राम रचि राखा ” है न हमारे पास, तो फिर यह नाराज़ी क्यों ?
      हम आपसी भेद-भाव, चालबाज राजनीति के सम्मुख टिके अपने कमजोर घुटनों के चलते और अंतर्मन के नपुसंक सोच के आतंक से पहले ही मर चुके हैं, तो फिर यह नाराज़ी क्यों ?

      स्वयं के अंदर इतने विभीषण के होते, हमें बाहर कोई अन्य शत्रु ढूँढ़ने की आवश्यकता ही क्या है ?
      मुर्दा कौमें बार बार नहीं मरा करतीं, तो फिर यह नाराज़ी क्यों ?

      कोई सुधीपुरुष ज़वाब देगा कि..यह नाराज़ी क्यों ?

    16. masijeevi Says:

      हम भी विवेक या संयम की हालत में नहीं हैं। असंयमित टिप्‍पणी भी क्‍या लिखें

    17. cmpershad Says:

      आतंकियों का हौसला बढता जा रहा है, किन्तु जनता और नेताओं में भी फासला बढता जा रहा है। अब समय आ गया है कि नेता राजनीति भूल कर देश की सोंचे। देश रहेगा तो राजनीति बाद में चलती रहेगी।

    18. सागर नाहर Says:

      जब होश में आ जायें तो असयंमित टिप्पणी हो पायेगी। फिलहाल तो शायद उस हालत में भी नहीं कि।

    19. बी एस पाबला Says:

      आईये हम सब मिलकर विलाप करें

    20. मलय त्रिदेव Says:

      अब समय आ गया है कि देश का प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी को, राष्ट्रपति लालकृ्ष्ण आडवाणी को, रक्षामन्त्री कर्नल पुरोहित को, और गृहमन्त्री साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को बना दिया जाय। सोनिया,मनमोहन,शिवराज पाटिल,और प्रतिभा पाटिल को अफजल गुरू व बम्बई में पकड़े गये आतंकवादियों के साथ एक ही बैरक में तिहाड़ की कालकोठरी में बन्द कर देना चाहिए। अच्छी दोस्ती निभेगी इनकी।

    21. anil pusadkar Says:

      आपसे सौ प्रतिशत सहमत हूँ.

    22. kallu Says:

      Ha yar tarun tumi sahi bolo chu per maru eak bat samajh me na aawe che aa karkare nu hatya sadhvi nu karwaye to apan hindu bhai kono halla karwe hai ane kuthe “” let us search why search not search chupao ” aa mara modi kahawe hai mulla nu $%^& bhitar petroll dalo ane je bhai mulla nu support ane hindu nu paresan karwe unaki ^& *( $%^& dalo karkare ane tamaro blog bhitar tippadi karan le bhai ma bhi tamam hindu virodi mane dekhawe che.

    23. अशोक पाण्‍डेय Says:

      हेमंत करकरे आतंकवादियों के साथ मुठभेंड में मारे गए. ये मुठभेंड सच्ची की थी क्या?
      शिव कुमार मिश्र जी की इस टिप्‍पणी से सहमत।

    24. hempandey Says:

      खरी खरी कहने के लिए साधुवाद

    बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

    टिप्पणियों का शटर नयी पोस्ट पब्लिश करने के बाद कुछ दिनों ही खुला रहता है। पुरानी पोस्टस में आने वाले स्पॉम टिप्पणियों के मद्देनजर यह निर्णय लेना पड़ा, असुविधा के लिये खेद है। आप को अगर ये ब्लोग और इसमें लिखी पोस्ट पसंद आती हैं तो आप इसे सब्सक्राइब करके भी पढ़ सकते हैं, धन्यवाद।