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आदमी को क्या चाहिये

October 24th, 2008 | 14 Comments | Posted in जरा हट के

क्या आप जानते हैं कि एक आदमी को क्या चाहिये? अगर नही और जानना चाहते हैं तो हमारी शब्दों के साथ खेलने की कोशिश पर नजर दौड़ाईये।

आदमी को चाहिये चबाने को दाँत और पेट में आँत
नेता को चाहिये कुछ घूँसे और संसद में चलाने को लात।

आदमी को चाहिये दो वक्त की रोटी और पीने को पानी
मीडिया को चाहिये टीआरपी बढ़ाने को सनसनी और ऊटपटाँग कहानी।

आदमी को चाहिये एक अदद नौकरी और रहने को छत
सेना के जवान को चाहिये घर से आया एक प्यारा सा खत।

आदमी को चाहिये ढेर सारी खुशियाँ और जीने की आस
एकता कपूर को चाहिये एक आदर्श बहू और खड़ूस सी सास।

आदमी को चाहिये क्रिसमस-ईद-दिवाली और रंगों भरी होली
कट्टरपंथियों को चाहिये अलगाव-नफरत और बंदूकों में गोली।

आदमी को चाहिये खुबसूरत दिन और शांत सी रात
तरूण‘ को चाहिये हरदम टिप्पणियों की बरसात।

*तरूण को ब्लोगरस का प्रतीक मानें ;)

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14 Responses to “आदमी को क्या चाहिये”

  1. Rewa Smriti Says:

    Bahut Achha! Bilkul sahi aur satik shabdon mein likha hai aapne! Sare lines achhe hein. नेता को चाहिये कुछ घूँसे और संसद में चलाने को लात। waise bhi laat ke devta baat se nahi mante hein. :-)

    Ahha Zindagi!

  2. अनूप शुक्ल Says:

    सुन्दर। ई लो एक ठो टिप्पणी। बरसात आने ही वाली है।

  3. ताऊ रामपुरिया Says:

    ‘तरूण‘ को चाहिये हरदम टिप्पणियों की बरसात।
    बेहद खुबसूरत और सही विचार ! ये संभालिये एक टिपणी की बूंद !
    दीपावली पर्व पर लक्ष्मी मैया से प्रार्थना करूंगा की इस आते साल में आप पर धन के साथ २ टिपनियों की वर्षा का भी जुगाड़ लगाए ! :)

  4. दिनेशराय द्विवेदी Says:

    लीजिए एक और, दिन अच्छा बीते।

  5. anil ousadkar Says:

    बरसात शुरू हो गयी है।बहुत बढिया।

  6. ज्ञानदत्त पाण्डेय Says:

    पहला तरुण है जो कहता है टिप्पणी चाहिये, तरुणी नहीं! :-)

  7. संजय बेंगाणी Says:

    बरसात तो नहीं हुई, मगर बूँदा बाँदी से मौसम खुशनुमा तो हो ही गया :)

  8. ranjana Says:

    आदमी को चाहिये एक अदद नौकरी और रहने को छत
    सेना के जवान को चाहिये घर से आया एक प्यारा सा खत।

    बहुत बहुत सुंदर.लाजवाब पंक्तियाँ हैं……..क्या बात कही है आपने.

  9. Abhishek Ojha Says:

    वाह ! आदमी और नेता, मीडिया, एकता कपूर, जवान, कट्टरपंथी और तरुण में कितना अन्तर है :-) बाकी का तो कुछ नहीं कर सकते पर एक टिपण्णी तो दे ही सकते हैं. लीजिये.

  10. Dr.anurag arya Says:

    मत कहो आदमी को क्या चाहिये भाई………इतनी ख्वाहिशे है की…..हर खवाहिश पे दम निकले…..

  11. Dr.Arvind Mishra Says:

    तो लीजिये यह टिप्पणी -दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं !

  12. amit Says:

    वाह-२, क्या बात है, आजकल बहुत कविता करने लगे हो!! क्या दुख है भाई?? ;) :P

  13. अशोक पाण्‍डेय Says:

    हमें तो फिलहाल चाहिए ब्‍लॉगिंग से कुछ और अवकाश :)
    ****** परिजनों व सभी इष्ट-मित्रों समेत आपको प्रकाश पर्व दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। मां लक्ष्‍मी से प्रार्थना होनी चाहिए कि हिन्‍दी पर भी कुछ कृपा करें.. इसकी गुलामी दूर हो.. यह स्‍वाधीन बने, सश‍क्‍त बने.. तब शायद हिन्‍दी चिट्ठे भी आय का माध्‍यम बन सकें.. :) ******

  14. ताऊ रामपुरिया Says:

    परिवार व इष्ट मित्रो सहित आपको दीपावली की बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं !
    पिछले समय जाने अनजाने आपको कोई कष्ट पहुंचाया हो तो उसके लिए क्षमा प्रार्थी हूँ !

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

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