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गीत गाता चल में एक नया प्रयोग

October 19th, 2008 | 3 Comments | Posted in Announcement

मैने जब गीत गाता चल पर मिली प्रति टिप्पणी पर ये पोस्ट लिखी थी तो उसमें दिनकरजी की टिप्पणी आयी थी –

बहरहाल मुझे तो आपका गीत गाता चल अच्छा नहीं लगा निठल्ला चिन्तन और कन्ट्रोल पैनल के ब्लागर से एसे ब्लाग की उम्मीद नहीं थी

सिर्फ गीत की सामान्य तरीके से प्रस्तुति तो आम ब्लाग्स में भी मिल जायेंगी, संजय पटेल और अशोक पांडे की संगीत प्रस्तुतियां मुझे बहुत पसंद आती हैं, सुरेश चिपलूनकर के संगीत व्हीडियो लेख भी मुझे बहुत पसंद आये जरा सोचियेगा
ये दिल मांगे मोर

अब चूँकि हमें संगीत का इतना ज्ञान नही कि उसे उस नजरिये से प्रस्तुत कर सकें, लेकिन उन्होंने सोचने को कहा था तो हम सोच रहे थे कि ऐसा क्या किया जाय कि ये थोड़ा अलग सा लगे। फिर आज अचानक जो ख्याल आया वो ये था कि क्यों ना पहले गीत पहेली पूछी जाय फिर उसके जवाब में पूरा गीत सुनाया जाय। गीत पहली यानि संगीत की एक क्लिप सुनायेंगे और पूछ कर देखेंगे अगर कोई गीत पहचान पाता है कि नही। कम से कम हमें तो आयडिया जम गया और हमने शुरूआत करने की सोच ही ली।

जो अगला गीत हम सुनाने वाले थे उसे पहली गीत पहेली बनाकर पेश कर दिया, अगर आपने अभी तक आजमा के नही देखा कौन सा गीत या गजल है तो आप एक कोशिश यहाँ कर सकते हैं।

हम आशा करते हैं कि इस कदम से दिनकरजी को भी हमारा गीतों का ब्लोग थोड़ा अच्छा लगने लगे। :)

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3 Responses to “गीत गाता चल में एक नया प्रयोग”

  1. ताऊ रामपुरिया Says:

    आईडिया बहुत अच्छा लगा ! शायद ये राजन साजन मिश्र हो सकते हैं !

    [आपकी टिप्पणी गीत पहेली की पोस्ट पर कॉपी कर दी है, ]

  2. समीर लाल Says:

    पहेली का जबाब दे आये हैं.

  3. Rewa Smriti Says:

    Aapne achha kiya hai geet paheli start karke. Ab maza aayega :-)

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

टिप्पणियों का शटर नयी पोस्ट पब्लिश करने के बाद कुछ दिनों ही खुला रहता है। पुरानी पोस्टस में आने वाले स्पॉम टिप्पणियों के मद्देनजर यह निर्णय लेना पड़ा, असुविधा के लिये खेद है। आप को अगर ये ब्लोग और इसमें लिखी पोस्ट पसंद आती हैं तो आप इसे सब्सक्राइब करके भी पढ़ सकते हैं, धन्यवाद।