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आदमी को क्या चाहिये

क्या आप जानते हैं कि एक आदमी को क्या चाहिये? अगर नही और जानना चाहते हैं तो हमारी शब्दों के साथ खेलने की कोशिश पर नजर दौड़ाईये। आदमी को चाहिये चबाने को दाँत और पेट में आँत नेता को चाहिये कुछ घूँसे और संसद में चलाने को लात। आदमी को चाहिये दो वक्त की रोटी [...]

[ More ] October 24th, 2008 | 14 Comments | Posted in जरा हट के |

गीत गाता चल में एक नया प्रयोग

मैने जब गीत गाता चल पर मिली प्रति टिप्पणी पर ये पोस्ट लिखी थी तो उसमें दिनकरजी की टिप्पणी आयी थी – बहरहाल मुझे तो आपका गीत गाता चल अच्छा नहीं लगा निठल्ला चिन्तन और कन्ट्रोल पैनल के ब्लागर से एसे ब्लाग की उम्मीद नहीं थी सिर्फ गीत की सामान्य तरीके से प्रस्तुति तो आम [...]

[ More ] October 19th, 2008 | 3 Comments | Posted in Announcement |

उसको जब नंगा कर दिवार पर लटकाया था

चोखेरबाली की पोस्ट ‘शर्मनाक हादसा’ पर जाकर देखा तब इस खबर का पता चला, खबर से ज्यादा ताज्जुब इस बात पर हुआ कि उस पर इतनी प्रतिक्रिया नही देखने को मिली जितनी होनी चाहिये थी। कई बार ना जाने मुझे ऐसा क्यों लगता है कि हिंदी ब्लोगरस को देखकर कहूँ, ‘जब रोम जल रहा था [...]

[ More ] October 16th, 2008 | 19 Comments | Posted in समाज और समस्‍या |

अपने अपने आकाश के पंछी

आजादी से पहले हो या बाद में आकाश वो ही है, बँटा हुआ हम में तुम में, जैसे कुँए का मेढक एक कुँए से दूसरे में नही जा सकता कुछ वैसे ही उड़ते रहते हैं अपने अपने आकाश में ये पंछी। ये एक स्कूल है, प्राइमरी यहाँ से बच्चे शुरूआत करते हैं उड़ने की, एक [...]

[ More ] October 14th, 2008 | 14 Comments | Posted in बस यूँ ही |

देशों का एल्फाबेट सोंग

ये है Nations of the World, आपने Alphabet Song तो सुना ही होगा लेकिन इस दुनिया के लगभग सभी देशों के नाम अगर उसी अंदाज में कहे जायें या मुझे कहना चाहिये गाये जायें तो और वो भी 1 मिनट 47 सेंकड में। इस Alphabet Song को बनाने वालों ने काफी दिमाग लगाया है इसे [...]

[ More ] October 9th, 2008 | 8 Comments | Posted in जरा हट के, विडियो |

शास्त्रीजी आपकी टिप्पणी के लियेः धन्यवाद

फर्स्ट थिंग फर्स्ट, हमको शायद पहली बार शास्त्रीजी की टिप्पणी पाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, ये टिप्पणी का प्रताप है कि हमें शुक्रिया कहने को पोस्ट लिखनी पड़ रही है इसलिये तुम्हारी भी जय जय, हमारी भी जय जय। शास्त्री जी ने हमारे नये चिट्ठे पर कुछ यूँ टिप्पणी छोड़ी (उनकी तरह ही कट-पेस्ट करके [...]

[ More ] October 8th, 2008 | 14 Comments | Posted in बस यूँ ही |

गीत-संगीत पर नया ब्लोगः गीत गाता चल

गानों के शौक ने फिर से करवट ली और दिल ने कहा गीत गाता चल ओ साथी गुनगुनाता चल। जी हाँ संगीतमय ब्लोगों की कतार में हम भी अपनी ढपली अपना राग ले कर आ गये हैं। हमारे इस नये ब्लोग का नाम है – गीत गाता चल। इस नये ब्लोग में हम अपनी पसंद [...]

[ More ] October 6th, 2008 | 9 Comments | Posted in Announcement |

बम धमाकों पर निठल्लिकाएँ

मैं कोई साहित्यिक नही इसलिये शब्दों के फेर में ज्यादा पड़े बिना मैने ये शब्द ईजाद कर लिया। कम लाईनों में कविता करने के एक तरीके को शायद क्षणिकाएँ कहते हैं। अगर वैसे ही कम लाईनों में कुछ गद्ध लिखा जाये तो उसे क्या कहेंगे समझ नही आया इसलिये हमने नाम दिया निठल्लिकाएँ। आइये बम [...]

[ More ] October 3rd, 2008 | 14 Comments | Posted in जरा हट के |