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फिल्म समीक्षाः A Wednesday

September 22nd, 2008 | 18 Comments | Posted in फिल्म समीक्षा

A Wednesday, WOW! What a Superb film, इस फिल्म के बारे में अगर संक्षेप में लिखूँ तो वो होगा A MUST WATCH FILM। फिल्म के बारे में कुछ और बताने से पहले एक बात और कहना चाहूँगा कि कहानी के प्लॉट और आयडिया के मामले में नये फिल्मकार पुराने फिल्मकारों से बीस ही साबित हो रहे हैं।

जब मुम्बई मेरी जान फिल्म मैने देखी तो मुझे वो बहुत पसंद आयी लेकिन कल जब A Wednesday देखी तो लगा अरे ये तो उससे भी ज्यादा अच्छी है। ये दोनों ही फिल्में आतंकवादी धमाकों का आधार लेकर बनी लीक से हटकर फिल्में हैं। ऐसी बालीवुड फिल्में जो एक्सीक्यूसन के मामले में एकदम हालीवुड जैसी थीं, कम से कम मुझे तो यही लगा। ये दोनों ही फिल्में देखने लायक हैं और मेरी बेस्ट हिंदी फिल्मों की कैटेगरी में जगह बना चुकी हैं।

A Wednesday

एक व्यक्ति (नसीरूद्दीन शाह) बुधवार के दिन मुंबई के पुलिस कमीश्नर (अनुपम खैर) के मोबाइल में फोन करता है और बताता है कि उसने चार जगह बम रखे हुए हैं। पुलिस इसे कोई कोरी धमकी ना समझे इसके लिये सबूत के तौर पर वो बताता है कि पुलिस हैडक्वार्टर के ठीक सामने के थाने में भी बम रखा है १०-२० मिनट में ढूँढ सकते हो तो ढूँढ लो। वो बम तो मिल जाता है साथ ही पुलिस सक्रिय हो जाती है इस बात का पता लगाने को कि ये व्यक्ति कौन है।

वो व्यक्ति यानि नसीर कमिश्नर के सामने डिमांड रखता है चार खूँखवार आतंकवादियों को जेल से छुड़वाने की यानि उन चारों को पांच बजे से पहले एअरपोर्ट उसकी बतायी जगह पर पहुँचा दो तो वो बम कहाँ रखे हैं बता देगा। कमिश्नर अपने दो बेस्ट बंदे जिमी शेरगिल A Wednesdayऔर एक और इंस्पेक्टर (आमिर बशीर शायद) को इस डील को अंजाम तक पहुँचाने की जिम्मेदारी देता है। आगे क्या होता है ये मैं नही बताऊंगा, क्या वो नसीर को पकड़ पाते हैं? या उन्हें आतंकवादियों को छोड़ना पड़ता है? ये जानने के लिये आप फिल्म देखियेगा।

बिल्कुल ही जुदा प्लॉट पर बनी ये फिल्म मेरी नजर में २००८ में रीलिज हुई फिल्मों में सबसे ज्यादा पावरफुल है और इसकी सबसे बड़ी वजह है फिल्म का अंत या क्लाईमेक्स। ये एक थ्रिलर टाईप फिल्म है लेकिन सबसे ज्यादा दमदार मैसेज देती है। इस फिल्म को लिखने और डायरेक्ट करने के लिये नीरज पांडे वाकई में बधाई के पात्र हैं।

फिल्म का संपादन बहुत ही चुस्त है, फिल्म में गीत शायद सिर्फ साउंडट्रैक के लिये ही हों क्योंकि फिल्म के दौरान वो कहीं भी नही आये। एक दूसरा प्लस प्वाइंट इस फिल्म का है इसके कलाकार और इनका अभिनय। नसीरूद्दीन ने कमाल की एक्टिंग की है वहीं अनुपम खैर और जिमी ने भी लाजवाब अभिनय किया है। फिल्म में ये तीनों ही सबसे ज्यादा जाने पहचाने चेहरे हैं, फिल्म में कोई हिरोईन नही है। ये फिल्म जबरदस्त मनोरंजन नही करती बल्कि जबरदस्त पंच मारती है

अब मेरी समीक्षा पढ़ना छोडिये और सीधे जाकर इस फिल्म को देखिये, वाकई में A MUST WATCH। मेरी नजर में २००८ के वर्ष में Best Film Till Date।

मेरा वोट मेरी राय: [rate 4.5]

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18 Responses to “फिल्म समीक्षाः A Wednesday”

  1. Raaj Says:

    धाँसू फिल्म है, I watched this movie couple days back and film’s end is awesome.

  2. Prashant Says:

    aaj rat dekhta hun ise..

  3. mamta Says:

    दिल्ली मे देख नही पाये वैसे तारीफ़ तो बहुत सुनी है। अच्छी समीक्षा की है।

  4. जीतू Says:

    बहुत ही शानदार फिल्म है। दो दिन पहले ही देखी, उसी समय इच्छा हुई कि इसका रिव्यू लिख दूं। लेकिन आप बाजी मार ले गए।

    फिल्म का स्क्रीन प्ले शानदार है, आइडिया इन्नोवेटिव है। फोटोग्राफी और बैकग्राउंड म्यूजिक फिल्म की जान है। सबसे अच्छी बात, निर्देशन। हालांकि निर्देशक की यह पहली फिल्म है, लेकिन बहुत ही शानदार ढंग से निर्देशित किया है, कोई भी सीन ढीला नही पड़ा।

    प्लीज क्लाइमेक्स किसी को भी ना बताएं।

  5. Dr.Anurag Says:

    dhaanso film…..

  6. ताऊ रामपुरिया Says:

    तरुण जी बहुत शानदार फ़िल्म है ! गजब की
    कसावट है स्क्रिप्ट में ! और अभिनय तो गजब
    का है ही ! धन्यवाद !

  7. Ghost Buster Says:

    ये अच्छा है की ऑफ़ बीट फिल्में अब काफी बनने लगी हैं. देखते हैं इसे भी. बढ़िया पोस्ट.

  8. कुश Says:

    एक जबरदस्त फिल्म है वेडनस्डे.. हालाँकि इसी कड़ी में आमिर ने भी मुझे बहुत प्रभावित किया एक घंटे और तीस मिनट की आमिर भी काबिल ए तारीफ़ फिल्म थी.. ज़रूर देखिएगा.. और वेडनेसडे का तो क्या कहु.. हर हिन्दुस्तानी को ज़रूर देखनी चाहिए..

  9. pallavi trivedi Says:

    jaroor dekhenge…

  10. ज्ञानदत्त पाण्डेय Says:

    बढ़िया पोस्ट।
    पर फिल्म तो शायद ही देख पाऊं। आतंक पर पुस्तक पढ़ने का मन है।

  11. Tarun Says:

    @Kush, Haan mene Aamir bhi dekhi hai. Woh bhi waqai me ek bahut achhi film thi.

  12. Abhishek Ojha Says:

    देखें की कब से सोच रहा हूँ… समय नहीं मिल पा रहा. :(

  13. समीर लाल 'उड़न तश्तरी वाले' Says:

    अच्छी समीक्षा की है..टिप्पणी तो कर लूँ, फिर जाता हूँ फिल्म देखने. :)

  14. अशोक पाण्‍डेय Says:

    समीक्षा अच्‍छी है। फिल्‍में इन दिनों कम ही देख पाता हूं। लेकिन इसे जरूर देखूंगा।

  15. jitendra bhagat Says:

    aisi baat hai to dekhni paregi ye film, thanx

  16. Anurag Says:

    Well, I wasn’t much impressed. Movie was great till more than half, then fell flat. Naseeruddin’s blabber was a little too much. Its glorifying the wrong way to tackle terrorism.

  17. sanjupahari Says:

    bahut hi badiya hai sir jeee..ekdam mast movie…dekhne layak hi nahi apne main apply karne layak lagi…
    thnx

  18. महामंत्री- तस्लीम Says:

    आपकी समीक्षा पढकर फिल्‍म देखने की इच्‍छा बलवती हो गयी है। पर देखिए वो मुहूर्त कब बन पाता है।

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

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