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देहली ब्लास्ट की चंद तस्वीरें

September 18th, 2008 | 13 Comments | Posted in समाज और समस्‍या

मुझे पराशरजी ने ईमेल से ये तस्वीरें भेजी, एक तो बहुत ही हृदय विदारक है या भयानक है कहूँ समझ नही आया। मैं कोशिश कर रहा था ये जानने कि फोटो में दिख रहे ये लोग किस धर्म के होंगे, देख रहा था इनके खून से क्या पता कुछ क्लू मिल जाये लेकिन NO LUCK। क्या आप बता सकते हैं?

— Email starts right from here —

Please circulate this mail to as many people as you can and make aware everyone that how these bloody politicians and religious leaders are screwing mankind in the name of caste, creed, religions and race. We all humans laugh on jokes, cry in times of pains, produce babies in same way, made up of same cosmic materials… then why we are not supposed to live in peace and harmony without any discrimination. Why is it necessary for us to show that our caste, region, religion and community is superior to others and we are forced to follow useless customs and agenda which divides people and make them psychologically handicapped……!!!

एक औरत तो दिन से रात होने तक वैसे ही औंधे मुँह पड़े दिख रही है पुलिस ने उठाने तक की जहमत नही की ऐसा लगता है।

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13 Responses to “देहली ब्लास्ट की चंद तस्वीरें”

  1. Raaj Says:

    उफ्फ, अपने को इनकी जगह रखता हूँ तो काँप जाता हूँ। But you are right it’s difficult to know their religion

  2. seema gupta Says:

    “oh no, nahee dekha jata itna dardnak manjar, ruh tk kamp gyee hai, itna horrible hai’ kya religion hai inka kaise ptta chle khoon to subka lal hee hai na”
    Regards

  3. अविनाश वाचस्पति Says:

    हैवानियत के शिकार
    स‍ब इंसान ही हैं
    मुझे नहीं लगता
    कोई आतंकवादी
    इसकी चपेट में
    आया होगा।

    पता तो उनका भी
    नहीं मिलता यहां
    उनके खून का रंग
    भी होता है लाल
    जो खाता है फिजूल
    उबाल उबाल उबाल।

    उन्‍हें सद्बुद्धि कौन देगा
    कब ठिठकेंगे वे
    करने से पहले ऐसा
    करिश्‍मा होगा क्‍या
    कभी इस धरती पर
    जैसा चाहते हैं सब
    मिट जाये आतंक
    इस धरती से अब।

  4. ranju Says:

    बहुत दर्दनाक है यह ..और कब थमेगा यह सब कौन जाने

  5. jitendra bhagat Says:

    खौफनाक मंजर।

  6. ज्ञानदत्त पाण्डेय Says:

    ओफ!

  7. ranjana singh Says:

    khoufnaak…..

  8. मसिजीवी Says:

    त्रासद

  9. ताऊ रामपुरिया Says:

    तरुण जी इतनी ह्रदय विदारक तस्वीरे हैं की मुंह से
    इन दरिंदो के लिए बद्दुआ और गालियाँ ही निकलती
    हैं ! और हमारे जैसे सामान्य जन सिवा इसके कर भी
    क्या सकते हैं ? कितनी लाचारी है ?

  10. अनूप शुक्ल Says:

    हौलनाक!

  11. Amit Says:

    वाकई, कुछ कहते नहीं बन रहा है!! :( :mad:

  12. sanjupahari Says:

    Aise logoon ko pakad ke ek haath aur ek pau kaat ke chor dena chahiye,,,,hadd hai ,,insaniyat kuch hai hi nahi inke liye,,,na ye kisi ke apne hote hain na hi inka koi apna,,,ye mansik bimaari ke shikar loog hain,,,yehi prarthana hai ki bhagwan aise logoon ko paida na hi kare to achcha hai…

  13. अशोक पाण्‍डेय Says:

    ओह, खौफनाक। रूह कांप जा रहा है। यह सब देख कर भी पता नहीं कुछ लोग कैसे धर्म और जाति की बातें करते हैं।

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

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