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जीना सिखाती ये तस्वीरें

September 26th, 2008 | 27 Comments | Posted in बस यूँ ही

कहते हैं एक तस्वीर कई बार हजार शब्दों से ज्यादा प्रभावी होती है, कई बार ऐसा होता है कि मुश्किलों के आगे और कई तरह की असुविधाओं के चलते हम लोग थोड़ा डाउन महसूस करते हैं। और ऐसे समय में अगर इन लोगों को इन तस्वीर के जरिये देखें तो शायद यही कहना पड़ेगा – जीना सिखाती ये तस्वीरें।

अगर आपको लगता है कि सिर्फ आप ही है जो खुश नही हैं या सुखी नही हैं तो इन्हें देखिये

अगर आपको लगता है कि आपकी तनख्वाह सबसे कम है तो इसके बारे में क्या सोचते हैं

अगर आपको लगता है कि आपके ज्यादा दोस्त नही हैं या बहुत कम हैं तो इनकी सोचिये

जब आप थक हारकर हिम्मत छोड़ने की सोचें इस व्यक्ति की तरफ देखियेगा

अगर आपको लगता है जिंदगी में आप ही सबसे बड़ी परेशानी उठा रहे हैं तो एक नजर इधर भी डालिये

जब अपने ट्रांसपोर्ट सिस्टम को लेकर शिकायत करने का मन हो तो इनके ट्रांसपोर्ट सिस्टम को देखिये

अगर आपको लगता है कि आपका समाज आपकी चिंता नही करता, तो इनकी हालत देखिये

जिंदगी के मजे लीजिये यही सोचकर कि जैसे जीने को सिर्फ आज है, जिंदगी जैसे जैसे आती जाये वैसे वैसे जीते जाओ क्योंकि इस दुनिया में और भी कई ऐसे लोग हैं जो हम से भी बदतर जिंदगी जी रहे हैं, जिनके लिये हमसे कहीं अधिक मुश्किलें हैं।

इस दुनिया में ऐसी कई चीजें है जो हमारी आखों को बहुत अच्छी लगती है, इन्हें बहुत भाती हैं लेकिन कुछ ही चीजें होती हैं जो दिल को पसंद आये। और जो दिल को पसंद आये हमें उन्हें ही पाने की कोशिश करनी चाहिये।

कहीं सुख है कहीं दुख, कभी खुशियाँ कभी गम, शायद यही जिंदगी है।

मुझे ईमेल से ये चित्र प्राप्त हुए, इन्हें पोस्ट करने का सिर्फ एक ही मकसद है कि खुश रहने के लिये हमेशा अपने से नीचे या कम सुविधा प्राप्त या किसी गरीब की तरफ देखो और आगे बढ़ने के लिये या कुछ सीखने के लिये या कुछ बनने के लिये अपने से ज्यादा सुविधा संपन्न की तरफ देखो। दोस्ती फिल्म का वो गीत है ना -

राही मनवा दुख की चिंता क्यों सताती है दुख तो अपना साथी है
सुख है एक छाँव, ढलती आती है जाती है

(गाने का विडियो अगर देखना चाहते हैं तो गानों के बोलों पर क्लिक करिये, राजश्री वालों ने Embeding बंद की हुई है।)

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27 Responses to “जीना सिखाती ये तस्वीरें”

  1. vipin Says:

    behatarin photos….

    sahi tasvir zindagi ki ……..

  2. vineeta Says:

    bahut badiya hai. jindlgi ki ek aur saccahi saamne aa gyi.

  3. manvinder bhimber Says:

    in chitron ko dekh kar samjh nahi aa raha hai ki kya kahu…..sabhi mai kuch n kuch shabad hai hai jo bahut kuch bol rahan hain….

  4. Raaj Says:

    आँख नम है और जुबाँ खामोश

  5. Lovely Says:

    तस्वीर जिंदगी की बनवातें हैं सब यहाँ
    जैसी जो चाहता है बन पाती है लेकिन कहाँ ?

  6. Dr.Arvind Mishra Says:

    सोचने को विवश करती तस्वीरें -शुक्रिया !

  7. jitendra bhagat Says:

    तरूण जी, आपने सही कहा- यदि‍ हम अपनी स्‍थिति‍ से असंतुष्‍ट हैं तो अपने से नीचे तबके को देखें। आपने तो वो तस्‍वीर दि‍खा दी, जो बद से बदतर हालत में जीने को मजबूर हैं। ऐसी तस्‍वीरें कई बार अपने कि‍ए उन तमाम लफ्फाजी को खोखला सि‍द्ध कर देती है, जो हम अपने हक के नाम पर समाज और परि‍वार से बहस में करते हैं।

  8. संजय बेंगाणी Says:

    पहले देखी थी, आपने फिर से ताज़ा कर दी.

  9. सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी Says:

    मार्मिक सत्य उकेरा है आपने। बधाई।

  10. anil pusadkar Says:

    जीने की राह दिखाता सच्। आभार आपका आंखो पर धीरे-धीरे छा रहे भ्रम के मोतिया को साफ़ करने का।

  11. mamta Says:

    जिंदगी की यही सच्चाई है ।
    फोटो तो कह ही रही है साथ ही आपके लिखे कैप्शन भी ।

  12. ताऊ रामपुरिया Says:

    खुश रहने के लिये हमेशा अपने से नीचे या कम सुविधा प्राप्त या किसी गरीब की तरफ देखो और आगे बढ़ने के लिये या कुछ सीखने के लिये या कुछ बनने के लिये अपने से ज्यादा सुविधा संपन्न की तरफ देखो।

    तस्वीरों के साथ 2 आपका उपरोक्त संदेश बहुत सुंदर बन पडा है ! आपको बहुत धन्यवाद ! ऐसा ही ज्ञान देते रहिये !

  13. Advocate Rashmi Saurana Says:

    मारमिक तस्वीरे है. सच कि तस्वीरे.

  14. परमजीत बाली Says:

    बहुत बढिया पोस्ट है।

  15. ranju Says:

    तस्वीरे बोलती हैं ..कई तो बहुत दर्दनाक है …

  16. Abhishek Ojha Says:

    कुछ तसवीरें तो झकझोर के रख देती हैं !

  17. Dr.Anurag Says:

    ठीक कहते हो……आखिरी वाली मेरे पास भी एक दोस्त ने मेल से भेजी थी….भूख ओर अन्न से सम्बन्ध में.

  18. sushil Says:

    शब्द खामोश।

  19. अशोक पाण्‍डेय Says:

    वो गीत याद आ गया – दुनिया में कितना गम है, अपना गम कितना कम है..
    आपकी संवेदनशीलता को नमन।

  20. sachinmishra Says:

    hakikat se rubaru karane ke liye aabar.

  21. prakash chandalia Says:

    Jis prakaar honto se behtar jubaan ankho ki hoti hai, usi prakaar lame lekh se behtar expression aapke photos aur unke captions me hai
    prakash chandalia
    kolkata

  22. दीपक Says:

    बिना बकबक किये बहुत बडा सच कहा आपने !!

  23. अनूप शुक्ल Says:

    फ़िर देखी। फ़िर अफ़्सोस हुआ कैसे लोग रहने के लिये मजबूर हैं।

  24. VIKRAM SINGH Says:

    UPSET ME

  25. लावण्या Says:

    Stark reality of life astouds the senses & numbs us into speechlessness :(

  26. Anuj Says:

    Aisa hona nahi chahye bahut dukh hota hai aisa dakhkar. very bad

  27. bhaskar chandra Says:

    thank you “Aaj tak main ye hi sochta tha ki duniya sabse jyada dukhi & problems mujhe hi hai”
    :-(

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

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