Motilium No Prescription Antabuse For Sale Elimite Generic Buy Nexium Online Propecia Without Prescription Nizoral No Prescription Aldactone For Sale Hoodia Generic Buy Acomplia Online Clarinex Without Prescription

मेरे भारत महान को अब ये जो घूस है इसे कानून की शक्ल दे देनी चाहिये, आखिर कब तक बेचारा आम आदमी यूँ पिसता रहेगा। अगर ये कानून की शक्ल ले ले तो भ्रष्टाचार भी काफी हद तक कम हो जायेगा क्योंकि सब कुछ कानून के दायरे में जो होगा। साथ ही दूसरा फायदा ये होगा कि इस घूस पर माफ कीजिये गलती हो गयी मेरा मतलब है इस दान पर थोड़ा टैक्स भी मिल जायेगा। शायद अपने को एक दूसरे से बड़ा दिखाने के लिये जनता जनार्दन खूले दिल से अपने को मिले घूस, फिर गलती हो गयी, अपने को मिले दान को ठीक ठीक सरकार के सामने रखे।

अब देखिये ना चार बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की गद्दी की शोभा बढ़ाने वाली वर्तमान मुख्यमंत्री मायावती ने लगभग २६ करोड़ का टैक्स जमा किया है, इतना टैक्स जिसने जमा किया हो उसकी आय कितनी होगी सोचने वाली बात है।

अब ये कोई पैदायशी सेठानी हैं ऐसा तो किसी मीडिया ने अभी तक नही बताया, ना ही ये बताया कि इनकी कोई फैक्टरी वगैरह है। वैसे भी फैक्टरी वगैरह होते तो क्या फर्क पड़ जाता जिनके हैं वो (अंबानी बन्धु) भी २०० सबसे ज्यादा टैक्स जमा करने वालों में जगह नही बना पाये ये अलग बात है कि विश्व के १०-२० सबसे धन्ना सेठों में इन्होंने जगह बना ली। बरहाल मैं बात कर रहा था माया कि तो सवाल ये उठता है इतना पैसा आया कहाँ से। कुछ एक हजार के लिये इन्होंने सफाई दी कि खेती से आया है, लेकिन वो भी झूठ निकल गया। इनका कहना है कि ये सब दान यानि डोनेशन का प्रताप है।
A total of 30 donors who can’t meet their daily needs donated gifts worth Rs 13.18 crores to Mayawati

कमाल कि बात है कि इस महान देश में इतने महान लोग हैं जो एक खस्ता हाल होते प्रदेश की मुख्यमंत्री को इतना ज्यादा दान दिये जा रहे हैं। आखिर क्यों? जाहिर सी बात है बदले में उन्हें भी कुछ ना कुछ मिल रहा होगा तो इस प्रकार ये हुआ लेन-देन यानि कि संक्षिप्त में घूस। मायावती ने इसका ब्योरा भी सरकार (इनकम टैक्स विभाग) को दान कहकर दे दिया है और सरकार ने भी उस २६ करोड़ को सहर्ष स्वीकार कर लिया है। साफ साफ है कि नेताओं को मिली घूस तो दान के नाम से कानून की शक्ल इख्तेयार कर चुकी है। अब आप ही बतायें आम आदमी ने क्या बिगाड़ा है।

इसीलिये कह रहा हूँ घूस को कानून बना दान का नाम दें दें, इससे होगा ये कि हींग लगे ना फिटकरी और रंग चोखा। चलते चलते आप वो उस गीत के बोल भी बताता चलूँ जो आजकर विरोधी पार्टी के नेता गुनगुनाते हुए अक्सर पाये जाते हैं -

एक हसीं निगाह का दिल में साया है,
जादू है ना जोर है, ये कैसी माया है।

और जिस तरह से चल रहा है, वैसे ही चलता रहा तो शायद गरीब जनता से ये भी सुनने को मिल जाये -
मेरा भारत महान, जहाँ ना खाने को रोटी, ना पहनने को कपड़ा, ना रहने को मकान

[अब आखिर की लाईन पढ़कर मेरे को गरियाना शुरू मत कर देना, मुझे मालूम है कि जो इस पोस्ट को पढ़ रहा है उसके पास ये सब तो है ही साथ में एक अदद इंटरनेट कनेक्शन भी है।]

ये प्रतिक्रियात्मक लेख है जो पूरी तरह से नई-पुरानी इन खबरों पर आधारित है -

  • Mayawati, Tendulkar and SRK top the tax-payer’s list
  • Mayawati: Love and Affection turns in to wealth
  • Mayawati’s agricultural income appears not to be genuine: CBI
  • Mayawati camouflages assets as donations, reports CBI
  • Corruption allegations cause little harm to Mayawati
  • मेरे ख्याल से इतनी खबरें काफी हैं।

    Share and Enjoy:
    • E-mail this story to a friend!
    • Google
    • Technorati
    • del.icio.us
    • Facebook
    • Live
    • StumbleUpon
    • Tumblr
    • Digg
    • YahooMyWeb
    Send to Twitter and Follow me on Twitter