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लघु कथाः ये कैसी मोहब्बत

July 18th, 2008 | 9 Comments | Posted in जरा हट के

मैं नही जानता इसे लघु कथा कहनी चाहिये या नही लेकिन ये बहुत कुछ सिखाती है। मुझे एक ई-मेल में ये प्राप्त हुई जिसे मैंने अंग्रेजी से अनुवाद करके यहाँ पोस्ट कर दिया, साथ ही इसे ये टाईटिल भी दे दिया।

एक अंधी लड़की थी जो अपने से इसलिये घृणा करती थी क्योंकि वो अंधी थी। यही नही वो बाकि सभी से भी ऐसी ही घृणा करती थी सिवाय एक शख्स के और वो था उस लड़की का ब्वॉयफ्रेंड। क्योंकि वो हर पल लड़की की मदद के लिये हाजिर रहता था। वो हमेशा कहती थी कि अगर वो दुनिया देख पाती तो अपने ब्वॉयफ्रेंड से शादी कर लेती।

एक दिन किसी ने उसे आँखें दान कर दी, अब वो सब देख सकती थी और साथ ही साथ अपने ब्वॉयफ्रेंड को भी। उसके ब्वॉयफ्रेंड ने उससे पूछा कि अब तो तुम दुनिया देख सकती हो क्या अब मुझ से शादी करोगी? लड़की को बहुत ही बड़ा झटका लगा ये देख कर कि उसका ब्वॉयफ्रेंड अंधा है वो देख नही सकता। उस लड़की ने शादी से मना कर दिया।

उस लड़की का ब्वॉयफ्रेंड आंखों में आँसू लिये चुपचाप वहाँ से चला गया और बाद में उसने लड़की को एक खत लिखा जिसमें लिखा था – “प्लीज मेरी आँखों का ख्याल रखना” (Just take care of my eyes Please)

इस तरह से बदलता है इंसान जब उसका वक्त बदलता है। कुछ ही होते हैं जो ये याद रखते हैं कि वो पहले क्या थे और वो कौन लोग थे जो मुश्किल घड़ी में हमेशा उसकी मदद के लिये तैयार रहते थे।

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9 Responses to “लघु कथाः ये कैसी मोहब्बत”

  1. Raj Says:

    This is really touching, thanks for sharing.

  2. सिरिल गुप्ता Says:

    This felt like. OUCH!

  3. Dr.anurag Says:

    bahut kuch kah gayi aapki ye laghu katha ,abhi kuch din pahle hi ek hollywood movie dekhi thi kuch aisi hi,hairani ki baat hai usme heroine indian ladki thi,vishya thoda alag tha ……
    ek bat aor comment ki setting change kar de.kai bar aakar vapas laut aa gaya hun…..dhundhla sa dikhayi padta hai……

  4. Gyandutt Pandey Says:

    क्या लिख दिया जी?!

  5. जीतू Says:

    प्यार अंधा होता है, लेकिन स्वार्थ नही। लड़के ने प्यार किया था और लड़की ने स्वार्थ।

  6. Sameer Lal Says:

    अति मार्मिक.

  7. ghughutibasuti Says:

    बहुत मार्मिक,किन्तु सौभाग्य से जब तक डॉक्टर बहुत अधिक न गिर जाएँ सच नहीं हो सकती।
    घुघूती बासूती

  8. लावण्या Says:

    पढी थी इसे अँग्रेज़ी मेँ –
    आपने इसे हिन्दी मेँ रुपाँतरित करके भला किया -
    कहानी दिल को छूनेवाली है
    - लावण्या

  9. अनूप शुक्ल Says:

    अद्भुत!अनुवाद बेहतरीन!

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

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