माँ सुनाओ मुझे वो कहानी और लब पे आती है दुआ

गीत और संगीत में आज दो ऐसे गीत पेश हैं जो हैं तो जगजीत सिंह के एलबम से लेकिन जिसे उन्होंने नही बल्कि एक बच्ची सिजा रॉय ने गाया है। शायद ही कोई ऐसा होगा जिसे भावविभोर कर देने वाले ये गीत पसंद ना आयें।

1995 में जगजीत सिंह का एक एलबम आया था जिसका टाईटिल था “Cry For Cry“, इसके नाम से ही ये ऐहसास हो जाता है कि ये बच्चों की संस्था Cry के लाभार्थ बनाया गया हो।

इस ऐलबम के दो बेहतरीन गीत गाये हैं सिजा रॉय ने, 1999 में मैने जब इसकी सीडी खरीदी थी तब सबसे ज्यादा इन्हीं दो गीतों को सुना था हालांकि इस ऐलबम की बाकि सभी गजलें भी बेहतरीन हैं। जिनकी हम बात कर रहे हैं उनमें से पहला है नंदलाल पाठक का कलमबद्ध किया “माँ सुनाओ मुझे वो कहानी, जिसमें राजा ना हो ना हो रानी“, दिल को छू जाने वाला गीत लिखा है। दूसरा गीत है डॉ अलामा इकबाल की लिखी नज्म जो कि वास्तव में एक प्रार्थना है जिसके बोल कुछ इस तरह हैं - “लब पे आती है दुआ बनके ये तमन्ना मेरी“। दोनों गीत जितनी खुबसूरती से पिरोये गये हैं उसे उतनी ही खुबसूरती से गाया है सिजा रॉय नामक की बच्ची ने।

ये “लब पे आती है” नज्म की बोलों की भावना ही है जिसने इसे मशहूर दून स्कूल की सुबह गाये जाने वाली प्रार्थना में शामिल किया है। मैं ये तय ही नही कर पाया कि इनमें से कौन सा गीत आज सुनाया जाय किसी एक को दूसरे से कमतर आंक ही नही सकता था इसलिये आज ये दोनों ही गीत पेश हैं। पहले माँ सुनाओ और उसके तुरंत बाद लब पे आती है दुआ, यही नही मैने “माँ सुनाओ” पर एक विडियो भी बनाया है जिसे आप दाहिनी तरफ दिये गये “Featured Video” के अंतर्गत देख सकते है और या सीधे यहाँ उसे देख सकते हैं

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    Tarun
    निठल्ला चिन्तन एक आक्रौश है विचारों की आंधी का, एक द्वंद है सच और झूठ का, एक भावना है प्यार की, एक तमन्ना है आकाश छूने की, कुछ कहने की और कुछ अनकही छोड़ देने की; संक्षेप में कहूँ तो ये है थोड़ी मस्ती थोड़ा चिंतन।

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    4 Responses to “ माँ सुनाओ मुझे वो कहानी और लब पे आती है दुआ ”

    1. तरुणजी ,
      अल्लामा इकबाल ‘सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा’ और ‘ऐ पाक सरज़मीं’ के रचयिता भी हैं। ‘लब पे आती है ,दुआ बनके तमन्ना मेरी,ज़िन्दगी शम्मा की सूरत हो ख़ुदा-या मेरी’ सिर्फ़ दून स्कूल की प्रार्थना में नहीं , तमाम मदरसों की प्रार्थना में शरीक है।
      यहां प्रस्तुत करने के लिए मेहेरबानी।

    2. Geet Suna tha magar yah gyat na tha ki Doon scholl ki prathah prarthana yahi hai aur phir Bhai Aflatton ki jankaari bhi bahut upyogi rahi, unka bhi aabhaar. Is jabardast prastooti ke liye aabhar.

    3. ओह! दोनों गीत चुपचाप सुनता चला गया। बहुत मधुर।
      सच की चांदनी —
      हो मेरा काम गरीबों की हिमायत करना—
      सुन्दर! बहुत अच्छा गाया है सिजा रॉय नें।

    4. Could you please send me “Lab pe aatee hai Dua ” in mail ? I’d deeply appreciate it Tarun bhai . Thank you in advance .Both songs are wonderful. Very soothing.

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