ईर कहे भारत बंद, बीर कहे भारत बंद और फत्ते कहे…

अब फत्ते क्या कहे ये जानने के लिये आपको ये पोस्ट तो पढ़नी पड़ेगी, आप यह भी सोच रहे होंगे कि भला ये ईर, बीर और फत्ते हैं कौन। अंग्रेजी की एक कहावत में तीन नाम आते हैं- टॉम, डिक और हैरी (उदाहरण के लिये If every Tom, Dick and Harry knows about something, then it is common knowledge)। कई लोग इसके हिंदी संस्करण में ये उपयोग में लाते हैं - ऐरा गैरा नत्थू खैरा लेकिन हमारा मानना है कि इनके लिये ये तीन नाम ज्यादा उपयुक्त हैं - ईर, बीर और फत्ते

इस पोस्ट में ये ईर, बीर और फत्ते दरअसल नेताओं के लिये हमने यूज किया है, जिनकी संख्या आजकल दिनों दिन बड़ती जा रही है। अगर जरा भी मन की नही हुई तो किसी ना किसी पार्टी का कोई ना कोई नेता, मेरा मतलब है ईर या बीर कहने लगता है कि “हम पूरा शहर बंद कर वायेंगे, इससे बात नही बनी तो पूरा प्रदेश नही तो देश“। लेकिन नेताओं की इस जमात में कुछ फत्ते ऐसे हैं जिनको लगता है कि बंद करने से कुछ नही होता, सीधे सरकार गिरानी चाहिये। और इन्हीं फत्तों की बात जोड़ कर इस पोस्ट का टाईटिल हुआ - “ईर कहे भारत बंद, बीर कहे भारत बंद और फत्ते कहे? फत्ते कहे सरकार गंद“। यानि कि निकम्मी सरकार है, इसको गिराओ।

हमें अभी भी लग रहा है कि हम अपनी बात ठीक से रख नही पाये, बावजूद इसके की कुछ फत्तों ने ताजा ताजा जम्मू काश्मीर की सरकार अभी अभी गिरायी है। इसलिये हमने सोचा क्यों ना आंकड़े हम बता दें और शब्दों का जामा आप लोग अपनी अपनी समझ के अनुसार पहना लें।

आजादी के बाद से यानि 1947 के बाद से अब तक (2008) के लगभग 61 सालों में कुल 17 प्रधानमंत्री रहे हैं। इसका सीधा मतलब आप ये भी निकाल सकते हैं कि 17 सरकारें (कई बार कोई एक ने एक से ज्यादा बार सत्ता संभाली) रही हैं। इनमें से शुरू के 30 सालों में कुल मिलाकर 5 प्रधानमंत्रियों ने सरकार संभाली जबकि बाद के लगभग उतने ही सालों यानि 31 सालों में 12 प्रधानमंत्रियों को ये काम करना पड़ा। क्या ये आंकड़े काफी नही हैं ये समझाने के लिये कि आजकल फत्तों की संख्या बढ़ ही नही रही है बल्कि इनका कहना भी है - “सरकार गंद यानि बेकार।”

ये रही सभी प्रधानमंत्रियों की सूची

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Tarun
निठल्ला चिन्तन एक आक्रौश है विचारों की आंधी का, एक द्वंद है सच और झूठ का, एक भावना है प्यार की, एक तमन्ना है आकाश छूने की, कुछ कहने की और कुछ अनकही छोड़ देने की; संक्षेप में कहूँ तो ये है थोड़ी मस्ती थोड़ा चिंतन।

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3 Responses to “ ईर कहे भारत बंद, बीर कहे भारत बंद और फत्ते कहे… ”

  1. जब कहीं कुछ लपकने की आशा होती है तब फत्ते तो फत्ते ससुरे कुत्ते भी दौडा लेते हैं, ऐसे मे सरकार लडखडाए न तो क्या हो ।

    अच्छा लिख रहे हैं, जारी रखें।

  2. “ये रही सभी प्रधानमंत्रियों की सूची” में मुख्य फत्ते (१४) जी का चित्र नहीं दिख रहा!

  3. [...] ईर कहे भारत बंद, बीर कहे भारत बंद और फत्… [...]

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