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पुरानी जींस और गिटार

June 19th, 2008 | 12 Comments | Posted in गीत संगीत

एक खुबसूरत मोहतरमा को उनकी खुबसूरत तस्वीर में जब जींस पहने और हाथ में गिटार लिये देखा तो हमें भी अपनी वो जींस याद आ गयी जो लेने के बाद हमने कभी नही पहनी और वो वैसे ही रखे रखे पुरानी हो गयी। साथ में याद आया वो गिटार जो लिया तो हमने अपने सीखने के लिये लेकिन जिसे हमें छोड़कर घर के सभी सदस्यों ने बजाना सीख लिया। हम बजाना छोड़िये उसे पकड़ना भी सीख पाते उससे पहले ही वो जर्जर अवस्था को प्राप्त हो गया।

इसके अलावा एक और ‘पुरानी जींस और गिटार‘ याद आया जो आते ही उस वक्त हर युवा की जबान पर चढ़ गया था। यही नही जो कालेज या हास्टल छोड़ जवानी को बाय बाय कर गृहस्थी का बोझा उठाये हांपते हांपते अपना सफर चालू रखे हुए थे उन्हें भी यदा कदा ये गीत गुनगुनाते हुए कई बार रंगे हाथों पकड़ा गया। वो बेचारे भी इस गीत के बहाने अपने लड़कपन के दिन याद कर लेते थे। यादों का क्या है एक बार आनी शुरू होती है तो आती ही चली जाती है। इससे पहले की हम इसकी रौ में बह अपनी राम कहानी जग जाहिर कर दें हम यादों की बस से यहीं उतर लेते हैं।



अगर आप अभी तक नही समझ पाये तो बता दें हम बात कर रहे हैं उस गीत की जिसने इसके गायक अली हैदर को रातों रात अच्छी खासी पहचान दे दी थी। ये गीत हमें भी बहुत पसंद था आजकल भी पसंद है इसीलिये तो मोहतरमा की ‘जींस और गिटार’ देखते ही भूले बिसरे गीतों की भीड़ में कहीं खो चुके इस गीत को तुरंत ढूँढ निकाला।

अगर आपने ये गीत पहले सुना है तो आप भी अपनी ‘पुरानी जींस’ की याद ताजा कर लीजिये और अगर नही सुना है तो आज सुनकर देखिये आपका लड़कपन भी कुछ ऐसा ही था (या है) क्या?

वैधानिक चेतावनीः सिगरेट पीना स्वास्थ्य के लिये हानिकारक है हमने ना कभी छूई ना ही पी, आप भी इससे दूर रहिये।

अब ‘पुरानी जींस और गिटार……..वो घर आना कूद के दीवार‘ सुनने के लिये प्ले के साईन पर डबल क्लिक कीजिये।

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12 Responses to “पुरानी जींस और गिटार”

  1. समीर लाल Says:

    यह तो हमारा सुन हुआ लगता है किसी पाकिस्तानी ायक की आवाज में.

    खैर, याद नहीं तो यह नया मान लेते हैं. बहुत उम्दा प्रस्तुति. आभार.

  2. Tarun Says:

    समीरजी, सही पहचाना पाकिस्तानी गायक अली हैदर का ही है, काफी पुराना गाना है

  3. प्रभाकर पाण्डेय Says:

    यथार्थ और सामयिक प्रस्तुति। साधुवाद।

  4. Raj Says:

    WOW! After a long long time once again wohi purani jeans…thanks man!

  5. mehek Says:

    kya tarun ji wah lekh bhi badhiya aur gana to bahut badhiya,gujare zamane yaad aaye ji,almari kholkar apni purani jeans dekhe bagair ab chain na aayega,bahut khub ,ali haider ke us album ke aur bhi gane achhe thay magar ye sabse dil ke kareeb:)

  6. mamta Says:

    तरुण जी आपने तो हमे भी हमारे गिटार की याद दिला दी। अबकी दिल्ली से लाना ही पड़ेगा। :)

  7. poonam Says:

    नोस्टालजिक कर दिया.

  8. Neha Says:

    wah jiju, bahut khoob likha hai..

  9. Abhishek Says:

    गिटार ओ हमने कभी नहीं छुआ बस दूसरों की गिटार बिगाड़ने के अलावा.. पर गीत अच्छा लगा !

  10. sanjupahari Says:

    waaah waaah aapne to un dinoo ki yaad dila di jab hum bhi table baja ke chai ki dukaan main masti mara karte the,,,,,thnx tarun jjiii..

  11. Yogesh Says:

    nice sweet memories.

  12. ganesh Says:

    ye gane to main sadiyonse sunte aa raha hoo
    ali haider ke to mere pass dus se pandhrah albums hai lekin kuch album mujhe mill nahi paye

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

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