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चल मेरे साथ ही चल, ऐ मेरी जाने गजल

June 25th, 2008 | 10 Comments | Posted in गीत संगीत

कबाड़खाने के अशोक दाज्यू ने जब हुसैन भाईयों को सुनाया तो हमारा खोया प्यार जैसे हमें दोबारा मिल गया। इससे पहले आप इधर-उधर की सोचें हम बता दें कि हम संगीत की बात कर रहे हैं। इसलिये आज उन्हीं के पहले ऐलबम की एक खुबसूरत गजल “चल मेरे साथ ही चल, ऐ मेरी जाने गजल” आपकी खिदमत पेश है।

हुसैन बन्धु हमारे पसंदीदा गजल गायकों में से एक हैं, ये गजल हुसैन भाईयों के पहले ऐलबम ‘गुलदस्ता‘ से हैं जो १९८० में शायद रीलिज हुआ था। संगीत की बात चल ही गयी है तो एक बात और बता दे, अब से हम हर पोस्ट के आखिर में सुनायेंगे ऐसा ही कोई मधुर गीत।

आज का गीत: शुरूआत करते हैं ‘चल मेरे साथ ही चल, ऐ मेरी जाने गजल’ के साथ, सुनने के लिये प्ले के साईन पर क्लिक कीजिये।

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10 Responses to “चल मेरे साथ ही चल, ऐ मेरी जाने गजल”

  1. समीर लाल Says:

    यह अच्छा सिलसिला शुरु करने की सोची है..अनेकों शुभकामनाऐं,,,,शुरुआत पसंद आई हुसैन बंधुओं की.

  2. संजय पटेल Says:

    अहमद हुसैन – मोहम्मद हुसैन की इस हस्ताक्षर रचना को जारी करने के लिये शुक्रिया.
    आपकी इस कोशिश से ब्लॉग की दुनिया और सुरीली होगी….आमीन.

    ऑडिया थोड़ा कमज़ोर सुनाई दे रहा है.

  3. Tarun Says:

    @समीर और संजय जी बहुत बहुत धन्यवाद।

    @संजयजी, आवाज तो बहुत तेज है और सुनायी भी सही दे रही है

  4. mamta Says:

    आनंद आ गया तरुण जी ।

  5. ranju Says:

    ब्लोगिंग करने का यह सबसे बड़ा फायदा हुआ है की मनपसंद गाने सुनने की मिल जाते हैं बहुत सुंदर है यह इसको सुनवाने का शुक्रिया

  6. अशोक पाण्डे Says:

    बढ़िया है भाई तरुण. मेरी भी बहुत ज़्यादा पसंदीदा है यह ग़ज़ल. शुक्रिया.

  7. Gyan Dutt Pandey Says:

    बहुत मधुर लगा सुनना। पहली बार सुना हुसैन बन्धुओं को। धन्यवाद।

  8. लावण्या Says:

    Beautiful presentation ~~

  9. अनूप शुक्ल Says:

    आनन्दम,आनन्दम!

  10. ghughutibasuti Says:

    पहली बार सुन रही हूँ। बहुत अच्छी लगी। धन्यवाद।
    घुघूती बासूती

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

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