या तो नाखुन रख लो या iPhone
आज का गीत में बालिका बधु का एक बहुत ही प्यारा गीत सुनाने से पहले थोडा बात करते हैं नाखुनों और iPhone की। आप सोच रहे होंगे भला इन दोनों चीजों में कैसा कनेक्शन, कनेक्शन नही है तभी तो रोना है।
अब तक सभी जान गये होंगे कि iPhone जो है वो टच स्क्रीन से चलता है यानि कि इसे आप अपनी अंगुलियों से स्क्रीन पर बने आयकन पर टच करके आपरेट करते हैं। iPhone की टच स्क्रीन अंगुलियों की टिप से उत्पन्न होने वाले इलेक्ट्रिकल चार्ज से काम करती है।
अब जाहिर है जिन्होंने लंबे लंबे नाखुन पाले हुए हैं वो फिंगरटिप से तो टच कर नही पायेंगे नाखुन से ट्राई मारेंगे और iPhone काम करेगा नही। इसके लिये कोई stylus (एक किस्म का पैन) भी नही है जिससे काम चल जाये।
इसीलिये कुछ लंबे लंबे नाखुनों वालियों ने आवाज उठाना शुरू किया है इस समस्या के लिये। लेकिन कुछ मुट्ठी भर लोगों के लिये सेब अपना रंग तो बदलने वाला नही है। इसीलिये हम कह रहे हैं या तो नाखुन रख लो या iPhone।
iPhone Fingernail problem Source: LA Times
आज का गीत: 1976 में तरूण मजुमदार निर्देशित एक बहुत खुबसूरत फिल्म रीलिज हुई थी नाम था बालिका बधु, आजादी की लड़ाई को बैकग्राउंड रख ये बाल विवाह पर बनी एक फिल्म थी। फिल्म में युवा नायक के रूप में थे सचिन और बालिक बधु का किरदार किया था रजनी शर्मा ने। सचिन के व्यस्क किरदार को आवाज दी थी अमिताभ बच्चन ने। संगीत था आर डी बर्मन का, इसी में पहली बार गीत गाया था किशोर कुमार के बेटे अमित कुमार ने। अमित कुमार के गाये इसी पहले गीत को आज का गीत में चुना है और ये मधुर गीत है - “बड़े अच्छे लगते हैं, ये नदिया ये धरती, ये रैना और“, और आप खुद ही सुन लीजिये और क्या।




SEB ko sunanaa to padega ek din..jald hi stylus aane wala hai isme..yah mera anuman hai.
ग्रेट !
गीत बहुत सुन्दर है, आपकी थीम खाली खाली लग रही है। ’options’ ट्राई कर के देखिये
दोनों ही सुन्दर हैं जी, आई-फोन या नाखून! बाकी हम दोनों से दूर हैं!
यह गाना हमेशा ही से अच्छा लगता रहा है, और अच्छा लगता रहेगा।