पुरानी जींस और गिटार
एक खुबसूरत मोहतरमा को उनकी खुबसूरत तस्वीर में जब जींस पहने और हाथ में गिटार लिये देखा तो हमें भी अपनी वो जींस याद आ गयी जो लेने के बाद हमने कभी नही पहनी और वो वैसे ही रखे रखे पुरानी हो गयी। साथ में याद आया वो गिटार जो लिया तो हमने अपने सीखने के लिये लेकिन जिसे हमें छोड़कर घर के सभी सदस्यों ने बजाना सीख लिया। हम बजाना छोड़िये उसे पकड़ना भी सीख पाते उससे पहले ही वो जर्जर अवस्था को प्राप्त हो गया।
इसके अलावा एक और ‘पुरानी जींस और गिटार‘ याद आया जो आते ही उस वक्त हर युवा की जबान पर चढ़ गया था। यही नही जो कालेज या हास्टल छोड़ जवानी को बाय बाय कर गृहस्थी का बोझा उठाये हांपते हांपते अपना सफर चालू रखे हुए थे उन्हें भी यदा कदा ये गीत गुनगुनाते हुए कई बार रंगे हाथों पकड़ा गया। वो बेचारे भी इस गीत के बहाने अपने लड़कपन के दिन याद कर लेते थे। यादों का क्या है एक बार आनी शुरू होती है तो आती ही चली जाती है। इससे पहले की हम इसकी रौ में बह अपनी राम कहानी जग जाहिर कर दें हम यादों की बस से यहीं उतर लेते हैं।

अगर आप अभी तक नही समझ पाये तो बता दें हम बात कर रहे हैं उस गीत की जिसने इसके गायक अली हैदर को रातों रात अच्छी खासी पहचान दे दी थी। ये गीत हमें भी बहुत पसंद था आजकल भी पसंद है इसीलिये तो मोहतरमा की ‘जींस और गिटार’ देखते ही भूले बिसरे गीतों की भीड़ में कहीं खो चुके इस गीत को तुरंत ढूँढ निकाला।
अगर आपने ये गीत पहले सुना है तो आप भी अपनी ‘पुरानी जींस’ की याद ताजा कर लीजिये और अगर नही सुना है तो आज सुनकर देखिये आपका लड़कपन भी कुछ ऐसा ही था (या है) क्या?
वैधानिक चेतावनीः सिगरेट पीना स्वास्थ्य के लिये हानिकारक है हमने ना कभी छूई ना ही पी, आप भी इससे दूर रहिये।
अब ‘पुरानी जींस और गिटार……..वो घर आना कूद के दीवार‘ सुनने के लिये प्ले के साईन पर डबल क्लिक कीजिये।
यह तो हमारा सुन हुआ लगता है किसी पाकिस्तानी ायक की आवाज में.
खैर, याद नहीं तो यह नया मान लेते हैं. बहुत उम्दा प्रस्तुति. आभार.
समीरजी, सही पहचाना पाकिस्तानी गायक अली हैदर का ही है, काफी पुराना गाना है
यथार्थ और सामयिक प्रस्तुति। साधुवाद।
WOW! After a long long time once again wohi purani jeans…thanks man!
kya tarun ji wah lekh bhi badhiya aur gana to bahut badhiya,gujare zamane yaad aaye ji,almari kholkar apni purani jeans dekhe bagair ab chain na aayega,bahut khub ,ali haider ke us album ke aur bhi gane achhe thay magar ye sabse dil ke kareeb:)
तरुण जी आपने तो हमे भी हमारे गिटार की याद दिला दी। अबकी दिल्ली से लाना ही पड़ेगा।
नोस्टालजिक कर दिया.
wah jiju, bahut khoob likha hai..
गिटार ओ हमने कभी नहीं छुआ बस दूसरों की गिटार बिगाड़ने के अलावा.. पर गीत अच्छा लगा !
waaah waaah aapne to un dinoo ki yaad dila di jab hum bhi table baja ke chai ki dukaan main masti mara karte the,,,,,thnx tarun jjiii..