IPL T20 यानि क्रिकेट का Item Song
वैसे तो IPL खत्म भी हो गया है और कमाने वालों का पैसा अभी हजम होना चालू है, और अभी तक इस विषय में काफी कुछ लिखा और पढ़ा जा चुका होगा। लेकिन जब सास-बहू, शादी-बरबादी, वो ही घर वो ही कहानी टाईप कहानियों पर बने सीरियल बार बार देखे जा सकते हैं तो हमने सोचा कि इस विषय पर फिर से क्यों नही लिखा जा सकता। हम भी तो सीरियलस की तरह उसी कहानी को थोड़ा घुमा फिरा कर, अलग पैकेजिंग करके पेश कर सकते हैं।
आप भी सोच रहे होंगे कि ये आइटम साँग फिल्म में तो सुना था क्रिकेट में कहाँ से आ गया, अब नाम और सूरत बदल लेने से सीरत तो नही बदलती ना बस वैसे ही ये क्रिकेट में आ गया। इस IPL में क्या नही था, हीरो था हिरोईन थी, कुछ दूसरे हीरों लोगों का गेस्ट अपियेंरस भी था, और तो और विलेन भी था। तभी तो ईमोशन भी था, ट्रैजेडी भी थी, रोमांस भी और रोमांच भी यानि की क्रिकेट क्या था पूरा का पूरा फिल्मी ड्रामा था।

यानि कि थोड़ी देर के लिये अगर क्रिकेट को फिल्म मान लिया जाय तो टेस्ट क्रिकेट हुआ गुजरे जमाने की बात हो चला क्लासिकिल गीत, वन-डे क्रिकेट हुआ आज और पुराने दौर के मेलोडियस गीत, रणजी टाईप फर्स्ट क्लास क्रिकेट हुआ बी-ग्रेड टाईप फिल्मों की गीत जिन्हें देखना सुनना कोई पसंद नही करता और ये नया नया आया IPL T20 हुआ क्रिकेट का आइटम साँग। मस्ती, ऊर्जा, कम कपड़ों में नाचती बालायें, सीटी, हल्ला मचाती पब्लिक सभी कुछ फिल्म के किसी आइटम साँग पर होती प्रतिक्रिया जैसा।
यही नही जब किसी एक फिल्म का कोई आइटम साँग सुपर हिट हो जाता है तो फिर आइटम साँगस की बाढ़ आने लगती है, हर कोई अपनी फिल्म में एक आइटम साँग जरूर रखना चाहता है। देखिये ना अब दूसरे बड़े बड़े निर्माता यानि आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, पाकिस्तान, वेस्ट इंडीज सभी इस २०-२० नुमा आइटम साँग दिखाने की योजना बना रहे हैं। अब कोई इनको कैसे समझाये कि सभी आइटम साँग हिट नही होते, साथ ही आइटम साँग पर सीटी बजाने वाली जनता भी चाहिये होती है।
आइटम साँग की एक दूसरी बात ये होती है कि गीत पर फिल्म की हीरोईन के साथ नाचती जूनियर बालायें और बालक चाहे हीरोईन से कितना ही अच्छा डांस क्यों ना कर रहे हों उन्हें कोई भी निर्माता फिल्म की मेन लीड वाली हीरोईन नही बनाता। यही हाल इस आइटम साँग यानि कि IPL T20 का भी होगा/है। गीत खत्म लेकिन अगली फिल्म यानि दौरे के लिये वो ही हीरो वो ही मैन लीड। वो जो जूनियर आर्टिस्ट अच्छा डाँस यानि परर्फोम कर रहे थे मन मसोस के ही रह गये होंगे।
अब आप ही बताओ हम IPL T20 को क्रिकेट का आइटम साँग कहने की गुस्ताखी कम से कम एक बार तो कर ही सकते हैं। अब चलते चलते एक लास्ट अपडेट ये है कि जैसे कोई फिल्म निर्माता अपने एक्टिंग का ABC भी ना जानने वाले बेटे को लाँच करने के लिये कम से कम एक फिल्म तो बनाता ही है बिल्कुल ठीक वैसे ही बीसीसीआइ के सैक्रेटरी निरंजन शाह ने अपने बेटे का लाँचिंग पैड बनाया है इजरायल के ६० वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में होने वाले ३ क्रिकेट मैचों में खेलने वाली इंडिया-A का कप्तान। अब प्रदर्शन की क्या कहें हर किसी को हपना बेटा सबसे बेस्ट लगता है। सामान्य ज्ञान के लिये ये तो बताये ही देते हैं कि इनके ये साहबजादे IPL T20 की चैंपियन टीम के भी मेम्बर थे ये अलग बात है कि वार्नी के होते वो एक मैच भी नही खेल पाये। नाम हम नही बतायेंगे राजस्थान रायॅल की टीम पर एक नजर डालकर खुद ही अंदाज लगाईये।
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This post has 10 comments
June 5th, 2008
पैसा फेको तमाशा देखों के तर्ज पर थी यह प्रतियोगिता
June 5th, 2008
१. राजस्थान रायॅल ने शाह जी के छोरे को पैसे तो पूरे दिये होन्गे?!
२. आई पी एल का हैन्गओवर चलेगा हफ्ता दस दिन!
June 5th, 2008
ना केवल निरंजन शाह बल्कि लालू यादव का बेटा और श्रीकांत का बेटा भी थे।
June 5th, 2008
वाह क्या तुलनात्मक अध्ययन किया और करवाया आपने.
स्कूल की याद आ गई.
बधाई.
June 5th, 2008
बहुत रोचक विश्लेषण. अब IPL का खुमार उतरते उतरते उतरेगा.
नया आया IPL T20 हुआ क्रिकेट का आइटम साँग।
जो भी हो, लोगों को नया खींच तो रहा ही था अपनी ओर.
June 6th, 2008
ekdam sahi visleshan hai tarun bhai…abhi kya hai T-20 ko hum loog ekdam naye najariye se dekh sakte hain,,,waise main cricket ka ekdam bhi saukeen nahi hu,,,,per aapne ab ise item bola to lagta hai muzhey offline match dekh hi lena chahiye..abhi is baat se aap samazh hi gaye honge ki main movie dekhu na dekhu item song kabhi nahi chorta….
chaliye bahut dinoo baad aap aaye aur HOTTT news bhi di….thnx
June 6th, 2008
फिल्म सिनेमा से उतर जाती है तब भी उसके कुछ बाद तक आईटम साँग बाज़ार में चलता ही है!!
अरे का बात कर रहे हो भईया? वैसे देखन तो मैं भी वही गया था टीवी के सामने हर बार पर मन्ने तो जयसूर्य और मार्श के छक्के, तनवीर और मैक्ग्रा की गेंदबाज़ी, और धोनी के खेल के सिवाय कुछ दिक्खा ही नहीं!! मज्जा भी खूब आया, जो आप बता रहे हो वह दिख जाता तो मज्जा आता कि नहीं यह तो कह नहीं सकते क्योंकि यह तो जो दिखता उस पर ही निर्भर करता ना!
वैसे जो फोटूओं का गुच्छा लगाए हो उसमें पहली पंक्ति में लाल वाली आंटी जी के बाजू में मन्ने कुछ दमदार सामान दिक्खे है, ऊ का है?!

June 17th, 2008
Laalu’s son ws also there?
Hi Tarun how r u? long time..
June 19th, 2008
@अमितवा क्या बात कह रहे हो, मीडिया तो हल्ला मचाये हुए था, चौके-छक्के तो साईड लाईन ही हो गये थे थोड़ी देर के लिये। लगता है तुम छक्के चौके देखने में इतने गुम रहे कि छक्के छुड़ाने वालों को नजरअंदाज कर गये
@वेंडी, इतने महीनों बाद आपका कमेंट? लगता है स्कूल बंद हो गये हैं। अब आते रहियेगा यदा कदा। आपके क्या हाल हैं? देहरादून में ही डेरा चल रहा है या कहीं और।
बाकि सभी भक्त जनों को भी धन्यवाद इस पोस्ट को बांचकर टिप्पणी करने के लिये :)।
June 19th, 2008
मीडिया का क्या है जी, ऊ तो हल्ला मचाए ही रहता है। अभी कुछ दिन पहले सुनने में आया कि किसी कमिशनर साहब का कुत्ता खो गया तो ऊ भी ब्रेकिंग न्यूज़ बन गई थी!! इसलिए अपन तो फालतू चीज़ें देखते ही नहीं, ऊ है ना गांधी बाबा के ३ बंदर - न बुरा देखो न बुरा सुनो और न बुरा बोलो!
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