15 Mar
Posted by Tarun as खालीपीली
Tags:blog, comments, your thoughtsकुछ समय पहले मैंने अंग्रेजी के एक ब्लोग में इस विषय पर देखा था कि बड़ी अच्छी चर्चा चली थी। सब अपने अपने कारणों को बता रहे थे। तो मुझे लगा क्यों ना हिंदी चिट्ठाकारों में भी इस विषय को उठा के देखा जाय।
चाहे आप चिट्ठे लिखते पढ़ते है या सिर्फ पढ़ते हैं, दोनों […]
13 Mar
Posted by Tarun as रहन-सहन
Tags:advertisement, रहन सहन, controversial, german shepherd, germanyमैने शायद इतना चौंकाने वाला विज्ञापन आजतक नही देखा था, इस पर ज्यादा ताज्जुब इस बात का है कि ये एक महिला द्वारा बनाया गया है और एक महिला के ऊपर ही शूट भी किया गया है। ये विज्ञापन जर्मनी में बनाया गया है और वहाँ की ही किसी मैगजीन के लिये। कह नही सकता […]
11 Mar
Posted by Tarun as हिन्दी साहित्य
Tags:aabida parveen, हिन्दी साहित्य, bhala hua mori gagari tuti, chattish garh, dohe, Farid Ayaz, kabir bhajan, kabir das, kabir panth, kabir songs, kabirdas poetry, Robert Bly, videoना काहू से दोस्ती ना काहू से बैर कहने वाले कबीर दास जैसा व्यक्तित्व शायद ही किसी और हिन्दी साहित्यकार का होगा। स्कूल के वक्त भी वो कबीर और उनके दोहे ही थे जो आसानी से समझ में आते थे। उनका व्यक्तित्व अनुपम तो था ही लेकिन उनके जन्म को लेकर कई किंवदन्तियाँ भी प्रचलित […]
10 Mar
Posted by Tarun as खालीपीली, Books Reviews
Tags:Alan S. Miller, books reviews, Evolutionary psychology, Satoshi Kanazawaमैने अभी अभी ये किताब खत्म की है, इस किताब का पूरा नाम कुछ यूँ है - Why beautiful people have more daughters from dating, shopping, and Praying to going to War and Becoming a Billionaire– Two Evolutionary Psychologists Explain Why We Do What We Do। एक किताब के लिये, है ना कुछ लम्बा […]
07 Mar
Posted by Tarun as समाज और समस्या, विडियो
Tags:adolescent girls program, विडियो, समाज और समस्या, bhanwari malavat, female foeticide, India, jamkhed crhp, kiran bedi, video8 मार्च यानि एक बार फिर महिला दिवस, ऐसे समय में दो चौंकाने वाली खबरें जो बताती हैं कि अभी भी बेटियाँ कोई नही चाहता। ताज्जुब की बात ये है कि पढ़े लिखे लोग भी ऐसी संकुचित सोच रखते हैं।
अब पहले ही बच्चे के लिंग का पता चल जाने की वजह से कई लोग लड़कियों […]