शुक्रवार तक राजा भोज सोमवार को गंगू तेली
अगर आप सोच रहे हैं ये किसी व्यक्ति के लिये है तो गलत, आज ये कहावत मैं वास्तव में एक कम्पनी के लिये यूज कर रहा हूँ, कम्पनी जो है अमेरिका का पांचवां सबसे बड़ा Investment बैंक। वो बैंक जो शुक्रवार की सुबह तक अर्श पर था और आज सोमवार की सुबह फर्श पर, वो बैंक जो एक दिन पहले तक Investment का राजा था और एक दिन बाद रंक यानि कण कण का मोहताज।
ये बैंक है Bear Stearns, जिसका शेयर भाव बृहस्पतिवार के दिन $60 के आसपास था, शुक्रवार की सुबह भी $60 के आसपास ही उसने आंखें खोली लेकिन उसके बाद जो हुआ शायद ही किसी ने सोचा होगा। शुक्रवार के दिन मार्केट बंद होने तक उसका भाव $30 के पास और सोमावर की सुबह मार्केट खुलते ही $2 के पास। बैंक जो लगभग ताश के पत्तों की मानिंद ढह गया। गौरतलब है Bear Stearns का शेयर पिछले साल मार्केट में अपने अधिकतम भाव $159 पर भी बिका था।
Bear Stearns को इसी बैंक के प्रतिद्वन्दी बैंक J. P. Morgan ने $2 के भाव यानि शुक्रवार मार्केट बंद होने के भाव पर 93% डिस्काउंट पर खरीदने की घोषणा कर दी। इस सफेद हाथी का वजन उठाने में J. P. Morgan की भी कमर टूट जानी थी लेकिन वो तो भला हो Fed’s का जिन्होंने $30 बिलियन के बराबर के बोंड खरीदने को तैयार हो गया।
शेयर मार्केट आपका पसंदीदा विषय ना भी हो फिर भी इस कहानी की कड़ियों पर नजर डाल के देखियेगा जरूर, क्योंकि इतना पता चल जायेगा कि अर्श से फर्श पर आने में ज्यादा वक्त नही लगता। एक बैंक के राजा से रंक बनने की कहानी की कुछ कड़ियाँ:
[अनुपजी, आपके रहिम वाले दोहे को गांठ बांध लिये हैं देखते हैं कब तक गांठ से बंधे रहता है, दोहे पाठ के लिये एक स्माईली आपको :)] Send to Twitter and Follow me on Twitter












This post has 3 comments
March 18th, 2008
जब तेज लहर हो तो डक करना की उचित है।
रहिमन चुप हो बैठिये, देख दिनन के फेर।
फिर नीके दिन आयेंगे, बनत न लागे देर।
March 18th, 2008
तरुण , अभी अभी Bloomberg में Bear Sterns के stock से प्रभावित share holders का हाल (बेहाल) सुना था कि तुम्हारा लिखा यह लेख रीडर में नज़र आया । Wall Street के लोभ की आगे न जानें कितनी और कहानियाँ हो ।
जानकारी का धन्यवाद।
March 18th, 2008
यह वित्तीय-पूँजीवाद का युग है जिस में पूंजी को माल का दर्जा दे दिया गया है। इस के भाव केवल कंपनी के खुद के परफोरमेंस के आधार पर ही नहीं दूसरी कंपनियो, और बाजार में निवेशकों के व्यवहार पर भी निर्भर करते हैं। निवेशक जो अक्सर ही भीड़ की तरह व्यवहार करता है वह मिनटों में मूल्यवान वस्तु को मिट्टी में मिला सकता है।
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