अरे भाया कोई Sweeps का मतलब समझायेगा

सबसे पहले अंग्रेजी पत्रकार बंधुओं को धन्यवाद ना वो यूँ स्विपयाते ना हम ये पोस्ट लिखकर इसका मतलब पूछ पाते। मन को काम से आराम देने के लिये हमने सोचा क्यों ना कुछ खबर-शबर पढ़ी जाय, देखा तो सभी अंग्रेजी खबरची स्विपयाने में लगे थे। कोई हैडिंग में स्विपया रहा था तो कोई कंटेंट में। उदाहरण के लिये ये बानगी देखिये IBN-Live की पेशकश

हमने जाकर देखा तो पाया कि अभी अंदर ठीक से स्विपयाया नही है, लगता है काम चालू है इसलिये २-३ खबरें और देखने लगे तो देखा अब वो स्विपयाना छोड़ किसी और राग में सरगम छेड़ रहे हैं, आप भी देखिये

हमें अभी तक ये समझ ही नही आ रहा था कि इस बार शाहरूख को छोड़ आमिर से कैसे स्विपयाया जा रहा है इसलिये बाल की खाल निकालने की गरज से इसकी तह तक पहुँचे तो पता चला कि हम तो Sweep का मतलब ही गलत समझ के चल रहे थे, आप भी ये एवार्ड तालिका देखियेः

तारे जमीन पर - कुल 5 अवार्ड, गुरू - 5, चक दे इंडिया - 4, लाईफ इन मैट्रो - 3, सांवरिया - 3, ओम शांति ओम - 2, जब वी मेट - 2 और फिर कुछ और फिल्में 1-1 एवार्ड।

अब क्या आप हमें समझा सकते हैं “तारे जमीन परने कैसे स्विपयाया या फिर चक दे और तारे जमीन पर ने कैसे राज (Rule) किया, गुरू को कहाँ गुल कर दिया। हमारी समझ का लोचा है शायद इसीलिये पूछ रहा हूँ Sweeps का मतलब क्या होता है रे।

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Tarun
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6 Responses to “ अरे भाया कोई Sweeps का मतलब समझायेगा ”

  1. स्वीप माने झाड़ू लगाना । हुआ यों कि जब तक गुरू झाड़ू लगाने आते, तारे…….. ने सफाई पुंछाई कर दी थी । अब पुरुस्कार तो गुरु को भी मिले पर गुरु झाड़ू लगाने का अवसर चूक गए । वैसे भी जब शिष्य थे इस काम के लिए तो गुरु को कष्ट देना हमारी सभ्यता के विरुद्ध है ।
    घुघूती बासूती

  2. घूघुतिजी ने समझा ही दिया है, तो हम क्या कहें, सुपड़ा साफ करने के बारे में. पतरकार बन्धू जरा उत्साहित जीव होते है. हो जाता है….

  3. लीजिये घुघूती जी ने तो अर्थ बता ही दिया है। :)

  4. आई होप..समझ ही गये होगे..ज्ञानी सारे बोल चुके.

  5. जिस अखबार और चैनल की दिलचस्पी जिस फिल्म में रही होगी, उसने उसी को स्वीपवा दिया। आपने देखा ही होगा कि आजकल फिल्म रिलीज होने के समय समाचार चैनलों पर उनसे संबंधित प्रायोजित चर्चाएं और खबरें चलती हैं। कई बार तो अपने समाचार चैनल दिन भर फिल्मी राग गाते रहते हैं। यह बेवजह नहीं है। अर्थव्यवस्था है। और जहां अर्थव्यवस्था इन्वाल्व हो वहां स्वीपियाना तो छोटी सी बात है।

  6. कई बार तो अपने समाचार चैनल दिन भर फिल्मी राग गाते रहते हैं।

    कई बार क्या बालेन्दु जी, कुछेक समाचार चैनल तो पंजाब केसरी माफ़िक बॉलीवुड के ही समाचार चैनल हैं पक्के, अब आज तक को ही लीजिए….. :)

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