इसमें इतना पसंद करने जैसा क्या है
ज्ञानजी पहले ही क्लियर कर देता हूँ रेवड़ी के लालच में मै ये नही पूछ रहा ;)। अविनाश की ये पोस्ट [मसिजीवी भाई, आज ही है ब्लॉग संगत, ढाई बजे से] मैने भी पड़ी थी और सबसे पहली टिप्पणी भी की लेकिन अभी तक मेरी समझ में नही आया कि इस पोस्ट में ऐसा क्या लिखा था कि इतने लोगों ने इसे पसंद किया और शायद मेरी इस पोस्ट के पब्लिस होने तक और कर रहे होंगे। इस बात को अन्यथा ना लें हमें सच में समझ नही आया लोचा कहाँ है।
अपनी ही समझ में शायद बहुत बड़ा लोचा हो गया है आजकल ठीक से काम ही नही कर रही, कोई मजाक नही हम सीरियलसी जानना चाहते हैं जिससे लेखन में थोडा सुधार ला सकें वैसे भी हम इस क्षेत्र के खिलाड़ी नही हैं बड़ी मुश्किल से अभी लड़खड़ाना सीखें हैं।
समूह ब्लाग के अधिक सदस्य होने के कारण पसंद पर क्लिक करने वाले लोगों की संभावना हमारे आपके व्यक्तिगत ब्लाग के बजाय अधिक होती है.
हिन्द युग्म के उदाहरण से कुछ नहीं सीखा?
“संघे शक्ति कलयुगे”
भैया आपकी समझ में लोचा हुई गवा कहत रहे न लेकिन हम का करें जिनके पास ई समझ नाम की चीजै ही न हो!!
कमाल है तरुण भाई ….अभी १-२ दिन पहले ही मैंने भी एक ब्लॉग देखा जिसके ब्लोग्वानी पर प्रकट होते ही १ पसंद दिखाई दे रही थी और मज़ेदार बात ये की उसके पढने वालों की संख्या उस वक़्त तक शून्य थी
मेरे पास उसका प्रिंटस्क्रीन भी है अपना ईमेल आई डी दें तो आपको भेज देता हूँ. और एक मजेदार बात की उसकी पसंद बढ़ती भी गई और उस ब्लॉग कंटेंट देखेंगे तो आप भी चौंक जायेंगे.
Kirtish ji… hame bhi bhejiyega..
main bhi dekhana chaahta hun..
mera pata hai.. prashant7aug@gmail.com
जब लड़खड़ा कर संभल जाओ और जान जाओ, तब हमें भी बताना.
एकला चलोरे! अभी पूरा खेल कहां खेला!
aisa kuch nai hota bhaiyyaa….locha kahin bhi koi nai hai…ye hoti hai SHIKAAR ki baat….aap kabootar pakadne jaaoge to 1 ya 2 mil hi jayenge….per sher ka shikaar ka iraada rakhoge ,,aur sher nai mila to KHUNNAS main 10-12 kabotar marooge,,,to miyaaan hum jaise kabootaroon ka shikar choro….koi sher dhondoo….fir dekhoo hum jaise 15-20 kabootar apne aap zaaal main honge…fir bhale hi ID badal badal sher bhai hi kyuna 10-12 reply maar de,,,aakheer sher ko bhi to apni izzzat ka wasta hota hai…>>
hehehe. i wld suggest u listen to kaam ki baat. and in case u want to get hits or pasands, u have to make a group.then u may write blah blah and yet u can get hits, pasands or the best blogger award, depending on how well u can manage ur group and how large u can make it.
gb