ये सिर्फ Adults के लिये
अगर आपकी उम्र 18 साल या उससे अधिक है तभी आप इस पोस्ट को पढ़ें या फिर अगर आपने मेरी पिछली पोस्ट पढ़ी है तब तो आपको इस पोस्ट को जरूर पढ़ना चाहिये, बाद में मुझे मत कहियेगा कि आपको नही बताया गया। पिछली पोस्ट से एक बात तो पता चल ही गयी कि सिर्फ सिरिल ने अपना दिमाग लगाया और सबसे ज्यादा नंबर प्राप्त किये। वहीं जीतू भाई जाना था जापान पहुँच गये चीन गुनगुनाते रहे जबकि ज्ञानजी ने बिल्कुल ज्ञानियों वाली बात की यानि कि जब कल पता चलना ही है तो काहे दिमाग का दही करें। सवाल तो पिछली पोस्ट में थे ही आज उसी क्रम में जवाब हासिल हैं (सिरिल का दिमाग सही दिशा में दौड़ रहा था): 
1. An Eleph-ant
2. Account-ant
3. Lost
4. a bee flying backwards
5. it’s tail
6. A Mon-key
7. Because the kids have to play inside
8. Jumbojets
9. it’s too far to walk
ये सारे सवाल मुझ से लिटिल ड्रैगन ने पूछे थे जब वो इस पुस्तक को पढ़ रहा था - Roaring with Laughter, अगर आप सोच रहे हैं इस पोस्ट का टाईटिल ये क्यों रखा तो उसके कारण के लिये यहाँ पढ़िये।
चलिये किसी चीज़ में तो मुझे कुछ अंक मिले.
जब मैं बच्चा था, तब सीधे सवालों का उल्टा जवाब देने के लिये डांट पड़ती थी… आज इसको lateral thinking कहकर इनाम देते हैं.
अरे मास्साब, ई पोस्टवा में व्यस्कों के लिए क्या है?? मैं तो सोच रहा था कि ई मा कुछ व्यस्कों वाला माल मिलेगा या वैसे प्रश्न पूछे जाएँगे, ही ही ही!!
ऐसे ही होता है जी, हमारे बचपन में कपड़े फटने पर या तो काम वाली बाई को दे दिए जाते थे या थोड़े ही फटे होते तो सिलाई कर घर में पहनने के काम आते जबकि आज तो लोग फटे कपड़े ही खरीदते हैं या खुद ही फाड़ के पहनते हैं!!
दोनो पोस्ट अलग-अलग टैब में खोल कर प्रश्नोत्तर देखे। बड़ी मेहनत लगी। शायद बच्चा इतना नहीं करता। तभी >१८ के लिये था यह अनुष्ठान!
जल्द ही १८ का हो जाऊँगा, तब देखता हूँ.
@समीरजी, आप हो कहाँ, अभी आपके ब्लोग में कमेंट डाला था कि लोटा मिला या नही। या खराब मौसम की वजह से उड़नतश्तरी उतर नही पा रही।
आप जल्दी से १८ के होलें क्योंकि जब तक आप १८ के नही होंगे हम ११ पर अटके रहेंगे आखिर हमें भी तो बड़ा होना है
[...] बस उसी क्षण हमने सोच लिया कि अगली पोस्ट का टाईटिल रखेंगे “सिर्फ Adults के लिये“, साथ में शुरूआत भी इसी बात से जानबूझ कर करी कि अरे भईया आने से डरो नही, हम जो कुछ भी लिख रहे हैं वो वाकई में व्यस्कों के लिये ही है ऐसा बच्चों जैसा कुछ भी नही। आखिर हम भी तो मर्द जात ही हैं ना इस जात की फितरत थोड़ी बहुत तो समझते ही हैं, हमें तभी लग गया था कि अब कम से कम पिछली पोस्ट से डबल हिट तो आयेंगी ही। और हुआ भी वही दबा के पब्लिक आयी झांकने। ये सारा खेल ही सनसनी फेलाने का है चाहे समाचार की ब्रकिंग न्यूज हो या हिंदी चिट्ठाजगत के पोस्ट का टाईटिल, यही परखने के लिये दोनों पोस्टे लगभग एक ही वक्त में पोस्ट करी। इसलिये इतना तो तय है आने वाले वक्त में हिंदी चिट्ठे सिर्फ दो वजह से ही पढ़े जायेंगे। पहली सनसनी हैडिंग को देखकर और दूसरी आपके दूसरों के साथ पारस्परिक व्यवहार और मित्रता को देखकर। [...]
[...] अब आप दिमाग लड़ायें उत्तर अगली पोस्ट में हाजिर हैं। [...]