अमेरिकी चुनावः इस बार बन सकता है इतिहास

इस बार के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में एक इतिहास के रचे जाने की बहुत ज्यादा संभावना है और ये इतिहास रचेगी डेमोक्रेटिक पार्टी। लास्ट राउंड की रेस तक इस पार्टी के दो फाईनल उम्मीदवार हैं, बेरॉक ओबामा और हिलेरी क्लिटंन। यानि कि अमेरिकी इतिहास में या तो पहला अफ्रीकन-अमेरिकन राष्ट्रपति बनेगा या पहली महिला राष्ट्रपति। चाहे फाईनल उम्मीदवार के रूप में जो भी डिसाइड हो इतिहास तो बनना तय है।

8 साल के रिपब्लिकन शासन के बाद बहुत ज्यादा चांसेज हैं कि इस बार डेमोक्रेट्स का राज्य चलेगा। कौन लड़ेगा कौन जितेगा ये जानना बस कुछ दिनों की बात है। लेकिन जिस तरह से यहाँ राष्ट्रपति का चुनाव होता है काश ऐसी ही कुछ इंडिया के प्रधानमंत्री के चुने जाने की प्रोसेस होती। ये सारे केंडिडेट पिछले कई दिनों से अलग अलग विषयों में आपस में डिबेट कर रहे हैं, जनता के सामने अपने व्यूज रख रहे हैं। ये सब लाईव टेलिकास्ट होता है समाचार चैनलों की मदद से।

अगर आप भी दौड़ाना चाहते हैं अपनी नजर इस प्रोसेस पर और जानना चाहते हैं किस तरह से राष्ट्रपति का चुनाव लड़ा जाता है तो यहाँ आपको सारी डिटेल मिल जायेगी

[नोटः अब मुझसे ये मत पूछना जो अभी हुआ नही उसके लिये इतिहास कैसे कहा जा रहा है क्योंकि इतिहास तो भूतकाल से जुड़ा है। इसका जवाब मैं भी ढूँढ रहा हूँ।]

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Tarun
निठल्ला चिन्तन एक आक्रौश है विचारों की आंधी का, एक द्वंद है सच और झूठ का, एक भावना है प्यार की, एक तमन्ना है आकाश छूने की, कुछ कहने की और कुछ अनकही छोड़ देने की; संक्षेप में कहूँ तो ये है थोड़ी मस्ती थोड़ा चिंतन।

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5 Responses to “ अमेरिकी चुनावः इस बार बन सकता है इतिहास ”

  1. दलों के भीतरी चुनावों के बाद जब दोनों दलों से एक एक प्रत्याशी आमने-सामने होंगे तब यदि ओबामा बचे रहे तो रिपब्लिकन फिर जीत जाएंगे? जनता के दिमाग में घुदे रंगभेद के कारण?

  2. अमरीका की लोकल रिपोर्टिंग. अच्छा है.

  3. अच्छा, लगातार तीन बार रिपब्लिकन कभी जीते हैं? नहीं तो क्या वह भी इतिहास बन सकता है?

  4. इतिहास तो बनके रहेगा, इस बार। अच्छी जानकारी।
    तरुण भाई, हिन्दुस्तान मे लोग अमरीकी चुनाव के बारे मे ज्यादा जानकारी नही रखते, आप हफ़्तेवार ब्योरा दे देते तो अच्छी खासी जानकारी मे वृद्दि हो जाती। अगर समय निकालकर लिख सके, तो बहुत अच्छा। शुरुवात सभी प्रदेशों की वोटिंग की जानकारी से कर सकते हो।

  5. @अफलातूनजी, जैसा आप सोच रहे हैं वैसे की संभावना बहुत कम है। ये रंगभेद का कीड़ा बहुत कम लोगों को काटता है या काट रहा है। अगर ऐसा होता तो ओबामा पहले दो में भी जगह नही बना पाते वो भी Neck-to-Neck। जिस तेजी से ओबामा आगे बड़े उस तेजी से कोई भी कैंडिडेट आगे बढ़ा। अगर मुझसे पूछा जाये तो फिलहाल वो ही भारी पड़ते दिख रहे हैं। बाकि तो बाद में पता चल ही जाना है।

    @संजय धन्यवाद,

    @ज्ञानजी, ऐसा मुझे तो नही पता लेकिन लगता है ये हो चुका होगा नही तो कोई ना कोई इस इतिहास के बनने की बात भी अब तक उछाल ही देता।

    @जीतू भाई, थोड़ा टाईम का रोना है, फिलहाल प्राइमरी राउंड की लगभग आधी वोटिंग होकर उसका रिजल्ट निकल चुका है। उसी के परिणाम स्वरूप इतने लोग बचे हैं, बस इस मंगल को पता लग जायेगा किस का मंगल होता है किसका अम्गल। फाईनल दो कैंडिडेट का पता देरी से देरी अगस्त तक तो चल ही जायेगा।

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