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जबान संभाल केः हिन्दी के अर्थ का अंग्रेजी में अनर्थ का परिणाम

भारतीय महिला पत्रकार ने सोचा भी नही होगा कि हिंदी के अर्थ का अंग्रेजी में अनर्थ हो जायेगा और उसके जेल की हवा खाने की नौबत आ जायेगी। ये घटना है कनाडा के टोरंटो शहर की, जहाँ नीलम वीर नाम की ये भारतीय महिला साउथ एशिया के एक न्यूज पेपर में रिपोर्टर थी, उन पर [...]

[ More ] February 28th, 2008 | 12 Comments | Posted in खालीपीली |

अरे भाया कोई Sweeps का मतलब समझायेगा

सबसे पहले अंग्रेजी पत्रकार बंधुओं को धन्यवाद ना वो यूँ स्विपयाते ना हम ये पोस्ट लिखकर इसका मतलब पूछ पाते। मन को काम से आराम देने के लिये हमने सोचा क्यों ना कुछ खबर-शबर पढ़ी जाय, देखा तो सभी अंग्रेजी खबरची स्विपयाने में लगे थे। कोई हैडिंग में स्विपया रहा था तो कोई कंटेंट में। [...]

[ More ] February 26th, 2008 | 6 Comments | Posted in खालीपीली, फिल्‍म |

जो सबसे ज्यादा मारे, ले जाये पैसे सारे

[वक्त की कमी के चलते संक्षेप में बता दूँ किस के लिये कह रहा हूँ और क्यूँ कह रहा हूँ बाकि आप अपना तर्क वितर्क लगाते रहें।] आस्ट्रेलिया की सीरिज में दो इंडियन क्रिकेटर पर आरोप लगे क्योंकि वो चुप नही रहे और दोनों बाद उन्हें ही फाईन भी भरना पड़ा। ये दोनों क्रिकेट खिलाड़ी [...]

[ More ] February 25th, 2008 | 3 Comments | Posted in क्रिकेट, खालीपीली |

सराय पे उठे सवाल पर उठते ये सवाल

सराय के बारे में सबसे पहले मैने नीलिमा की किसी एक शुरूआती पोस्ट में पढ़ा था जो जिसमें बताया था सराय रिसर्च करवाती थी और कुछ पैसे भी देती थी। उसके बाद कुछ दिनों पहले अविनाश ने जब सराय में किसी ब्लोगरस भेंटवार्ता के संबन्ध में लिखा था तब शायद दूसरी बार सुना लेकिन तब [...]

…और ब्लोगिंग के 4 साल पूरे

आज हमें ब्लोगिंग करते हुए ४ साल पूरे हो गये हैं, आज से ४ साल पहले जब हमने ये चिट्ठाकारी शुरू करी थी तब सोचा भी ना था कि इतनी देर तक टिक पायेंगे। रेडिफ की साईट सर्फ करते समय हमें एक दिन एक लिंक दिखा ब्लोग, शायद पहले सुना था लेकिन तब पता नही [...]

[ More ] February 15th, 2008 | 31 Comments | Posted in खालीपीली |

इसमें इतना पसंद करने जैसा क्या है

ज्ञानजी पहले ही क्लियर कर देता हूँ रेवड़ी के लालच में मै ये नही पूछ रहा । अविनाश की ये पोस्ट [मसिजीवी भाई, आज ही है ब्‍लॉग संगत, ढाई बजे से] मैने भी पड़ी थी और सबसे पहली टिप्पणी भी की लेकिन अभी तक मेरी समझ में नही आया कि इस पोस्ट में ऐसा क्या [...]

[ More ] February 14th, 2008 | 8 Comments | Posted in खालीपीली |

अमित और ज्ञानजी उस पोस्ट में ये था व्यस्कों के लिये

ये व्यस्कों का लफड़ा भी अजीब किस्म का होता है जैसे ही 18 क्रॉस किया नही कि उसे लगता है कि अब वो बच्चा तो रहा नही इसलिये तुरंत बच्चों जैसी किसी भी बात से किनारा कर लेता है। लेकिन मजे की बात ये है कि बाल चाहे सफेद होने लगे, कमर झुकने लगे, आंख [...]

[ More ] February 13th, 2008 | 7 Comments | Posted in खालीपीली |

काश हम या हमारे कोई मित्र मीडिया में होते

कभी कभी ये मेरे दिल में ख्याल आता है कि काश हम या हमारे कोई मित्र मीडिया में होते। लाल रंग देखते ही जिस तरह किसी सांड में एनर्जी का उबाल आता है कुछ कुछ वैसा ही उबाल कभी कभी हमारे दिल में आता है जब भी ये किसी हिन्दी चिट्ठाजगत की खबर पर उछलते [...]

ये सिर्फ Adults के लिये

अगर आपकी उम्र 18 साल या उससे अधिक है तभी आप इस पोस्ट को पढ़ें या फिर अगर आपने मेरी पिछली पोस्ट पढ़ी है तब तो आपको इस पोस्ट को जरूर पढ़ना चाहिये, बाद में मुझे मत कहियेगा कि आपको नही बताया गया। पिछली पोस्ट से एक बात तो पता चल ही गयी कि सिर्फ [...]

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