< Browse > Home / जरा हट के, विडियो / Blog article: विडियो श्रृंखलाः वो कागज की कश्ती वो बारिश का पानी

| Mobile | RSS

विडियो श्रृंखलाः वो कागज की कश्ती वो बारिश का पानी

January 17th, 2008 | 4 Comments | Posted in जरा हट के, विडियो

आज से हम शुरू कर रहे हैं एक विडियो श्रृंखला जिसमें टेलिविजन की दुनिया में दिखाये गये कुछ सीरियलों और विज्ञापनों के अंश दिखायेंगे। ये वो सीरियल हैं जो वक्त में खत्म हुआ करते थे जिनकी कहानियों में अंत होता था ना कि आजकल के कभी ना खत्म होने वाली बकवास भरे सीरियल। ये वो विज्ञापन है जिनमें आजकी जितनी तड़क भड़क नही है, सिंपल हैं, तकनीक में आज के जितने उन्नत नही हैं फिर भी मैसेज देने में आज के विज्ञापनों से कुछ कम नही। आप भी कुछ देर के लिये बच्चे बन जाईये और मजे लीजिये इन विडियोज का।

याद है रसना के विज्ञापन की अंकिता

और आज के बुलंद भारत की तस्वीर बजाज ने काफी पहले देख ली थी

आज भला ही की-बोर्ड का जमाना हो लेकिन कभी वक्त था जब फर्स्ट आती थी, आप खुद ही देख लीजिये ना

क्या हुआ? ये सब पढ़ते पढ़ते गले में खिच-खिच होने लगी क्या? तो विक्स लो

अगला भाग

Leave a Reply 2,429 views |
Follow Discussion

4 Responses to “विडियो श्रृंखलाः वो कागज की कश्ती वो बारिश का पानी”

  1. Sanjeet Tripathi Says:

    क्या बात है, पुराने दिन याद दिला दिए, शुक्रिया!!

  2. Vijay Sharma Says:

    Great work Tarun. Keep it up.

  3. Anand S. Bisht Says:

    Tarun Bhai…….Aap Mahaan Hai….as I came to know…”Watch New Ad….But Don’t Forget Old…..New Are Silver….Old Is Gold”.

  4. sanjupahari Says:

    waah waah tarun bhaiji….kya baat hai…mast ekdam..achcha agar kahin se NIRMA ka ad mile to wobhi daalna…main dhund raha hu mila nahi….DHOOP C SAFEDI NIRMA SE AAYE…RANGEEN KAPDA BHI KHIL KHIL JAYE>WASHING POWDER NIRMA>>>hihi
    great work….jai hooo tumeri maharaaj

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

टिप्पणियों का शटर नयी पोस्ट पब्लिश करने के बाद कुछ दिनों ही खुला रहता है। पुरानी पोस्टस में आने वाले स्पॉम टिप्पणियों के मद्देनजर यह निर्णय लेना पड़ा, असुविधा के लिये खेद है। आप को अगर ये ब्लोग और इसमें लिखी पोस्ट पसंद आती हैं तो आप इसे सब्सक्राइब करके भी पढ़ सकते हैं, धन्यवाद।