26 Jan
Posted as भारत
Tags:भारत, indian republic day, makhan lal chaturvedi, pushp ki abhilasha, videoगणतंत्र दिवस के इस अवसर पर माखनलाल चतुर्वेदी द्वारा रचित पुष्प की अभिलाषा देश के उन सभी शहीदों को समर्पित है जिन्होंने आजादी दिलाने में और आजादी के बाद उसकी सुरक्षा करने में अपनी जान की बिल्कुल भी परवाह नही की। उन्ही सभी को हमारी भावपूर्ण श्रदांजलि
मुझे तोड़ लेना बनमाली
उस पथ पर देना तुम फेंक
मात्रभूमि पर शीश चढ़ाने
जिस पथ जायें वीर अनेक।
5 Responses
ज्ञान दत्त पाण्डेय
January 26th, 2008 at 8:41 am
1गणतंत्र दिवस की बधाई हो मित्र! भारतीय गण तंत्र को कुल मिला कर देखा जाये तो प्रसन्न होने और गर्व करने के लिये बहुत कुछ है।
चलें, जरा परेड देख आयें।
अनिल रघुराज
January 26th, 2008 at 9:10 am
2आप सभी को गणतंत्र दिवस की ढेर सारी बधाइयां। आज मेरी आप सभी पढ़े-लिखे लोगों से यही दरख्वास्त है कि 1935 के गवर्नमेंट ऑफ इडिया एक्ट और 1950 के अपने संविधान के अंतरों को (जितने भी हैं) अगर हम समझ लें तो हमें अपनी आजादी का मतलब ज्यादा अच्छी तरह साफ हो जाएगा।
राज भाटिया
January 26th, 2008 at 12:22 pm
3तरुण जी आप को भी ओर सब को गणतंत्र दिवस की बधाई, यह कविता मेने आगरा मे ४,या ५ मे पढी थी, सुना हे आज कल ऎसी कवितओ की जगह योनशिक्सा पाढाई जा रही हे
Sanjeet Tripathi
January 26th, 2008 at 3:34 pm
4बधाई व शुभकामनाएं गणतंत्र दिवस की आपको भी!
अनूप शुक्ल
January 26th, 2008 at 11:00 pm
5बहुत अच्छी पोस्ट। ये मेरे वतन के लोगों मेरा पसन्दीदा गीत है। फिर से सुनकर अच्छा लगा!
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