आशीष के बोल हल्ला में, मैं चिट्ठाकार और पत्रकार के बीच की कभी ना खत्म होने वाली पोस्ट पढ़ रहा था। मुझे लगा क्यों ना मैं भी अपने 2 सेंटस की आहुति इस बहस में डाल दूँ।

चिट्ठाकार यानि पर्सनल कंप्यूटर और पत्रकार यानि मैंकिंतोस

मैं तकनीक से जुड़ा चिट्ठाकार हूँ इसलिये इन दोनों के फर्क को उसी भाषा में बताता हूँ। चिट्ठाकार या ब्लोगर वास्तव में पर्सनल कंप्यूटर की तरह है (जो बिल्लू के माइक्रोसोफ्ट विंडोज की मदद से चलता है)। इसमें तमाम खामियाँ हैं लेकिन फिर भी लोगों के बीच अच्छा खासा लोकप्रिय है। वहीं पत्रकार उस सेब यानि एप्पिल (Apple) के मैकिंतोस (Macintosh) की तरह हैं जिसमें थोड़ा कम खामियाँ हैं, दिखने में भी आकर्षक है, इसके दाम भी पर्सनल कंप्यूटर (यहाँ चिट्ठाकार समझें) के मुकाबले थोड़ा ज्यादा हैं लेकिन फिर भी उतने लोकप्रिय नही हो पाते (या पाये)।

काम दोनों से वो ही होता है बस तरीके में फर्क है मैकिंतोस (पत्रकार) थोडा ज्यादा रिलायबल है और पर्सनल कंप्यूटर (चिट्ठाकार) थोड़ा कम। पर्सनल कंप्यूटर (चिट्ठाकारी) मैंकिंतोस (पत्रकारिता) के मुकाबले आम आदमी के लिये ज्यादा सुविधाजनक या कह लीजिये ज्यादा सरल है। अब इनमें कौन सही है कौन बड़ा ये बहस तो वहाँ भी जारी है यहाँ भी जारी रहेगी।

Google