अंग्रेजी के मध्य हिन्दी
अमूमन आज तक यही देखने में आता था कि हिन्दी अखबार वाले या मीडिया वाले अंग्रेजी शब्दों का इस्तेमाल अक्सर करते रहते हैं। लेकिन इंटरनेट पर हिन्दी का बढ़ता प्रभाव लगता है अब अंग्रेजी मीडिया भी महसूस करने लगा है। अभी एक दिन पहले ही आइ बी एन की साईट देख रहा था तो अंग्रेजी की इस साईट पर एक कोने से झांकती हिन्दी की भी एक खबर नजर आयी। आप भी अगर देखना चाहें तो यहाँ क्लिक करके देखिये।
मेरा अपना मानना है कि जब तक भारत के समाचार-माध्यमों से अंग्रेजी का दबदबा समाप्त नहीं होगा, भारत “स्व-तन्त्र” नहीं कहा जा सकता। खुशी की बात है कि इसकी शुरुवात हो चुकी है; हिन्दी और अन्य देशी भाषाएं अंग्रेजी को लगातार पीछे ढ़केलती चली जा रहीं हैं।
हमें तो उस दिन का इन्तजार है जिस दिन यह पूरा पन्ना हिन्दी में होगा और एकाध समाचार अंग्रेजी में..