Archive for November 2007

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जेनेरिक शेरो शायरी

आप सोच में तो नही पड़ गये कि ये क्या बला हुई, ज्यादा मत सोचिये पहले मैं आपको ये बताऊँगा ये क्या है और उसके बाद जेनेरिक शेर भी सुनाऊँगा। आपने ये शायद ही कभी पहले सुना हो क्योंकि अभी अभी हमने ये बिल्कुल ताजा अपने दिमाग की भट्टी से निकाला है, शब्द तो पुराना [...]

दो नावों पर सवार, हर पल पड़ती मार

क्या मुझे बताना चाहिये कि यहाँ बात किस के संदर्भ में की जा रही है? शायद ये ही बेहतर रहेगा, मैं पाकिस्तान की बात कर रहा हूँ। अब आप ही देखिये ६० साल के इतिहास में २७ साल डेमोक्रेसी की सरकार चली और ३३ साल मिलेटरी का शासन, हुई ना दो नावों में सवारी।
वैसे [...]