आज प्रभा साक्षी में, मैं इस लेख गरीब मजदूरों पर टूट रहा है आतंकवादियों का कहर को पढ़ रहा था, ये पढ़कर तो ये ही लग रहा था कि ऐसे कश्मीर को लेकर हम आखिर क्या करेंगे। जब आतंकी इस तरह की खुलेआम घोषणायें करते हैं तो प्रदेश और देश की सरकारें प्रत्युतर क्यों नही देती। क्या इस तरह से वाकई कश्मीर का विकास संभव है, जहाँ गैर कश्मीरी को प्रदेश छोड़ के चले जाने को कह दिया जाता है।

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