टम्बलरः पर्सनलाईज/कस्टमाईज एग्रीगेटर का बेहतर विकल्प

एग्रीगेटर की बात चली तो सोचा लगे हाथ कुछ टंबलर के बारे में भी बताते चले कि इसका अपने पसंद के चिट्ठो का एग्रीगेटर बनाने में अच्छा उपयोग हो सकता है। टंबलर को आप एक ब्लोगिंग टूल के रूप में भी उपयोग में ला सकते हैं। यही नही अपनी पसंद की फोटो, चैट पोस्ट, लिंकस, विडियो या quotes भी पोस्ट के रूप में छाप सकते हैं।


इस पोस्ट में मैं सिर्फ फीड के बारे में ही बताऊँगा, अपनी पसंद के चिट्ठे की फीड जोड़ने के लिये फीड के लिंक पर क्लिक कीजिये, आपको फीड जोड़ने के लिये बॉक्स दिखायी देगा जैसा कि चित्र में दिखाया है।

जिसमें आपको RSS Feed दिखता है उसमें बहुत सारे आप्शन हैं, जैसे ब्लोगर सलेक्ट करने पर आपको सिर्फ यूजर का नाम डालना है, फीड ये अपने आप ले आयेगा। इसी पेज के आखिर में नीचे की तरफ आपकी फीड में जुड़े चिट्ठे दिखते जायेंगे जिन्हें आप हटा भी सकते हैं।

अपनी फीड या टंबलर की सेटिंग करने के लिये सेटिंग के लिंक पर क्लिक कीजिये, कुछ आप्शन दिखेंगे, इसमें आप बता सकते हैं कि फीड में पूरी पोस्ट दिखायें या सिर्फ कुछ लाईन। एक बात ध्यान में रखियेगा, टंबलर फीड में पोस्ट का आलेख अलग अलग ब्लोग की सेटिंग के हिसाब से ही लाता है।

इसके बाद आप अपने टंबलर के फीड को अपने ब्लोग में दिखा सकते हैं, उदाहरण के लिये हमारा टंबलर ये देखिये और इसकी फीड का उपयोग आप यहाँ देखिये

अब जरा आप भी हाथ आजमा के देखिये, हम चले हमें अभी बहुत सारे चिट्ठे अपने टंबलर में जोड़ने हैं।

About the Author

Tarun
निठल्ला चिन्तन एक आक्रौश है विचारों की आंधी का, एक द्वंद है सच और झूठ का, एक भावना है प्यार की, एक तमन्ना है आकाश छूने की, कुछ कहने की और कुछ अनकही छोड़ देने की; संक्षेप में कहूँ तो ये है थोड़ी मस्ती थोड़ा चिंतन।

[आपकी हर तरह की टिप्पणी का स्वागत है, ये प्रोत्साहन तो देती ही है साथ में ये भी पता चलता है कि आप लोग किस तरह के आलेखों की अपेक्षा करते हैं। और अगर आप चाहें तो निठल्ला चिंतन को सीधे ईमेल के द्वारा सब्सक्राईब कर सकते हैं और या फिर फीड रीडर में सब्सक्राइब करके भी पढ़ सकते हैं]

8 Responses to “ टम्बलरः पर्सनलाईज/कस्टमाईज एग्रीगेटर का बेहतर विकल्प ”

  1. [...] टम्बलरः पर्सनलाईज/कस्टमाईज एग्रीगेटर का बेहतर विकल्प » [...]

  2. बढिया जानकारी है\

  3. खूब :)

  4. उन्मुक्त जी ने टंबलर पर ही एक उन्नत एग्रीगेटर बनाया है - उसे भी अवश्य देखें-

    http://unmukt.tumblr.com

  5. उत्तम जानकारी के लिये आभार.

  6. मेरे विचार में अलग अलग लोगों की फीड डालने की जरूरत नहीं। मैंने अपना टंबलर एग्रीगेटर रवी जी कि नकल कर बनाया है। यदि आप ऐसा करेंगे तो शक नही कि अंतरजाल पर हिन्दी बढ़ेगी

  7. उन्मुक्तजी, अगर अलग अलग फीड नही डालते तो फिर नारद जैसी किसी साइट की फीड डालके चिट्ठे खिंचने पड़ेंगे। उसमें फिर पर्सनलाईज जैसी बात नही रह जाती, आपको वो सब चिट्ठे मिलेंगे जिनको ईग्नोर करने के लिये मैने ये टम्बलर का उपयोग करना बताया था।

    यहाँ पर टंबलर वाली पोस्ट मैने अपने इससे पहले वाली पोस्ट के संदर्भ में लिखी, इस लिये वो ही बताया जो पर्सनलाईज उग्रीगेटर बनाने मे मदद करे। :)

  8. दोनों लेख काम के हैं.. थोड़ा प्रयोग कर देखना पड़ेगा.

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