एग्रीगेटर की बात चली तो सोचा लगे हाथ कुछ टंबलर के बारे में भी बताते चले कि इसका अपने पसंद के चिट्ठो का एग्रीगेटर बनाने में अच्छा उपयोग हो सकता है। टंबलर को आप एक ब्लोगिंग टूल के रूप में भी उपयोग में ला सकते हैं। यही नही अपनी पसंद की फोटो, चैट पोस्ट, लिंकस, विडियो या quotes भी पोस्ट के रूप में छाप सकते हैं।

इस पोस्ट में मैं सिर्फ फीड के बारे में ही बताऊँगा, अपनी पसंद के चिट्ठे की फीड जोड़ने के लिये फीड के लिंक पर क्लिक कीजिये, आपको फीड जोड़ने के लिये बॉक्स दिखायी देगा जैसा कि चित्र में दिखाया है।

जिसमें आपको RSS Feed दिखता है उसमें बहुत सारे आप्शन हैं, जैसे ब्लोगर सलेक्ट करने पर आपको सिर्फ यूजर का नाम डालना है, फीड ये अपने आप ले आयेगा। इसी पेज के आखिर में नीचे की तरफ आपकी फीड में जुड़े चिट्ठे दिखते जायेंगे जिन्हें आप हटा भी सकते हैं।

अपनी फीड या टंबलर की सेटिंग करने के लिये सेटिंग के लिंक पर क्लिक कीजिये, कुछ आप्शन दिखेंगे, इसमें आप बता सकते हैं कि फीड में पूरी पोस्ट दिखायें या सिर्फ कुछ लाईन। एक बात ध्यान में रखियेगा, टंबलर फीड में पोस्ट का आलेख अलग अलग ब्लोग की सेटिंग के हिसाब से ही लाता है।

इसके बाद आप अपने टंबलर के फीड को अपने ब्लोग में दिखा सकते हैं, उदाहरण के लिये
हमारा टंबलर ये देखिये और इसकी फीड का उपयोग
आप यहाँ देखिये।
अब जरा आप भी हाथ आजमा के देखिये, हम चले हमें अभी बहुत सारे चिट्ठे अपने टंबलर में जोड़ने हैं।
8 Responses
निठल्ला चिन्तन » आप भी बनायें अपना खुद का एग्रीगेटर
July 26th, 2007 at 7:22 am
1[…] टम्बलरः पर्सनलाईज/कस्टमाईज एग्रीगेटर का बेहतर विकल्प » […]
paramjitbali
July 26th, 2007 at 1:52 pm
2बढिया जानकारी है\
Amit
July 26th, 2007 at 4:36 pm
3खूब
रवि
July 26th, 2007 at 5:42 pm
4उन्मुक्त जी ने टंबलर पर ही एक उन्नत एग्रीगेटर बनाया है - उसे भी अवश्य देखें-
http://unmukt.tumblr.com
समीर लाल
July 26th, 2007 at 10:02 pm
5उत्तम जानकारी के लिये आभार.
उन्मुक्त
July 27th, 2007 at 3:54 pm
6मेरे विचार में अलग अलग लोगों की फीड डालने की जरूरत नहीं। मैंने अपना टंबलर एग्रीगेटर रवी जी कि नकल कर बनाया है। यदि आप ऐसा करेंगे तो शक नही कि अंतरजाल पर हिन्दी बढ़ेगी।
Tarun
July 27th, 2007 at 6:44 pm
7उन्मुक्तजी, अगर अलग अलग फीड नही डालते तो फिर नारद जैसी किसी साइट की फीड डालके चिट्ठे खिंचने पड़ेंगे। उसमें फिर पर्सनलाईज जैसी बात नही रह जाती, आपको वो सब चिट्ठे मिलेंगे जिनको ईग्नोर करने के लिये मैने ये टम्बलर का उपयोग करना बताया था।
यहाँ पर टंबलर वाली पोस्ट मैने अपने इससे पहले वाली पोस्ट के संदर्भ में लिखी, इस लिये वो ही बताया जो पर्सनलाईज उग्रीगेटर बनाने मे मदद करे।
kakesh
July 29th, 2007 at 9:05 am
8दोनों लेख काम के हैं.. थोड़ा प्रयोग कर देखना पड़ेगा.
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