Profit Sharing | प्रोफिट शेयरिंग


चिट्ठाजगत अधिकृत कड़ी

कल का कार्टून ‘शांति‘ तो एडिटरस ने भी अपनी पसंद में शामिल कर लिया। आज का कार्टून है हिंदी में और ये आपको बतायेगा प्रोफिट शेयरिंग के बारे में। प्रोफिट शेयरिंग बोले तो? अरे वही अपने लालूजी की कहानी।

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Tarun
निठल्ला चिन्तन एक आक्रौश है विचारों की आंधी का, एक द्वंद है सच और झूठ का, एक भावना है प्यार की, एक तमन्ना है आकाश छूने की, कुछ कहने की और कुछ अनकही छोड़ देने की; संक्षेप में कहूँ तो ये है थोड़ी मस्ती थोड़ा चिंतन।

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3 Responses to “ Profit Sharing | प्रोफिट शेयरिंग ”

  1. हा हा!! एकच्यूल प्राफिट में कमी, बुक प्राफिट के लिये… कतई नहीं.. :) यह लालू एक्ट के खिलाफ बात है.

  2. मजेदार कार्टून, पर लालू जी इतने लल्लू नहीं है कि खुद की कमाई ( भले ही चारे की हो, मेहनत तो की है) रेल्वे में लगा दें।
    भैया हमें तो यह लगता है कि कहीं एनरॉन की तरह दिखाने के लिये झूठे आँकड़े तो नहीं बताये जा रहे? लालू जी के इस पद पर से हटने के बाद कहीं और बड़ा घोटाला ना निकले।

  3. कभी कभी ये भी करना पड़ता है समीरजी, देखो ये सब करके कितना फायदा हुआ। इज्जत मिली, शोहरत मिली और पैसे आने के नये दरवाजे खुले। रेलवे मंत्रालय का जॉब पक्का हो गया है, अगर इधर का उधर नही करने की सोच में रहते तो अभी भी चारे पर केस चल रहा होता। पैसे को पैसा खिंचता है ये बात उन्हें अच्छी तरह मालूम है ;)

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