शांति को कहाँ ढूँढे रे बन्दे
बिहारी के दोहों के लिये कही बात शायद कार्टूनों के लिये भी सही बैठती है, कौन सी बात? अरे वही “देखन में छोटे लगे घाव करे गंभीर”। जब देखा अपने अमितवा धड़ाधड़ चिट्ठे छाप रहे हैं कार्टून बना बना के तो सोचा क्यों ना उनसे थोडा सा इंसपरेशनवा ले लिया जाय। इसलिये आप भी देख लीजिये हमरा पहला कार्टून, शीर्षक है “शांति” (Peace) -



हा हा!!! बेहतरीन. अब इसमें हिन्दी कार्टून भी सीख लो. अमित ने बता तो दिया ही है, हम देखे थे.
Nice, funny and to the point.
वाह सही है। रोज बनाओ।
एक अच्छी शुरआत है - उम्मीद करता हूं आगे और भी आपके बनाए कार्टून देखने को मिलेंगे।
आपके पहले कार्टून के लिए बधाई. आपने तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर का कार्टून बनाया है - बुश और पीस — भाई वाह!
Nice.. n meaningful….
हा हा हा, सही है, लेकिन इससे काम नहीं चलेगा, छुट पुट पटाखा है। कुछ अच्छे से बजाओ बुशवा की तो मजा आए!!
हाँ जी अब हिन्दी में भी बनाना शुरु कीजिए। हम आते ही रहेंगे देखने। वैसे पहला कार्टून ही शानदार रहा।
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