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TNT: बच्चों के मुँह से

कई बार बच्चे ऐसी बात कह देते हैं कि मुस्कुराये बिना रहा नही जाता ऐसा ही कुछ आज हुआ। मैं अपने लिटिल ड्रैगन की कराटे क्लास में बैठा बच्चों की पर्फोरमेंस के मजे ले रहा था। उसी क्लास के दौरान इंस्ट्रक्टर ने बच्चों से पूछा क्या आप जानते हैं टी एन टी का क्या मतलब [...]

टम्बलरः पर्सनलाईज/कस्टमाईज एग्रीगेटर का बेहतर विकल्प

एग्रीगेटर की बात चली तो सोचा लगे हाथ कुछ टंबलर के बारे में भी बताते चले कि इसका अपने पसंद के चिट्ठो का एग्रीगेटर बनाने में अच्छा उपयोग हो सकता है। टंबलर को आप एक ब्लोगिंग टूल के रूप में भी उपयोग में ला सकते हैं। यही नही अपनी पसंद की फोटो, चैट पोस्ट, लिंकस, [...]

[ More ] July 26th, 2007 | 8 Comments | Posted in तकनीकी |

आप भी बनायें अपना खुद का एग्रीगेटर

जैसा कि मैने अपनी पिछली पोस्ट में कहा था एग्रीगेटर बनाने के तरीके के बारे में तो आज की पोस्ट उसी विषय पर है। यानि कि इसे पढ़ने के बाद आप भी अपना एग्रीगेटर बनाने के लिये हाथ आजमा सकते हैं। जिनका खुद का डोमेन है जैसे कि रिडर्स कैफै उनके लिये थोड़ा ज्यादा विकल्प [...]

[ More ] July 26th, 2007 | 4 Comments | Posted in तकनीकी |

सक्रिय और धड़ाधड़ चिट्ठों का विरोधाभास

आजकल हिन्दी चिट्ठा संसार में 3-4 एग्रीगेटर हो गये हैं, अगर ये आपको अभी भी कम लग रहे हैं तो मेरी अगली पोस्ट देखना मत भूलियेगा जिसमें मैं आपको बताऊँगा कि आप अपना खुद का एग्रीगेटर कैसे बना सकते हैं। हाँ तो मैं बात कर रहा था हिंदी एग्रीगेटर की। इनमें से एक है चिट्ठाजगत, [...]

समय बड़ा बलवान

आज ही पता चला कि कुछ दिनों पहले दिल्ली में धकापेल मची थी, जो जनता चिट्ठों के मार्फत जूतमजूत पर उतरी रहती थी, लस्सी के साथ गुफ्तगू के मजे ले रही थी। अच्छा है हिंदी ब्लोगवार्तायें भी होने लगी हैं । अभी कुछ लोगों की पोस्ट इस वार्ता के संदर्भ में पढ़ी हैं, कुछ की [...]

Profit Sharing | प्रोफिट शेयरिंग

कल का कार्टून ‘शांति‘ तो एडिटरस ने भी अपनी पसंद में शामिल कर लिया। आज का कार्टून है हिंदी में और ये आपको बतायेगा प्रोफिट शेयरिंग के बारे में। प्रोफिट शेयरिंग बोले तो? अरे वही अपने लालूजी की कहानी।

शांति को कहाँ ढूँढे रे बन्दे

बिहारी के दोहों के लिये कही बात शायद कार्टूनों के लिये भी सही बैठती है, कौन सी बात? अरे वही “देखन में छोटे लगे घाव करे गंभीर”। जब देखा अपने अमितवा धड़ाधड़ चिट्ठे छाप रहे हैं कार्टून बना बना के तो सोचा क्यों ना उनसे थोडा सा इंसपरेशनवा ले लिया जाय। इसलिये आप भी देख [...]

टिप्पणी करके फंस गया यार

आपने शादी करके फंस गया यार जरूर सुना होगा लेकिन ये टिप्पणी वाली बात हो सकता हो नयी हो। ये भी हो सकता है कि ये आप के साथ भी हो चुका हो लेकिन कभी कह नही पाये। इस बात पर लिखना तो बहुत पहले चाहता था लेकिन वक्त मौका ही नही दे रहा था। [...]

[ More ] July 12th, 2007 | 12 Comments | Posted in खालीपीली |