Archive for April 2007

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हरि अनंत हरि कथा अनंता

मुझे याद नही पड़ता ये किस ने कहा है शायद तुलसीदास या शायद कोई और दास, खैर शेक्सपियर की मानें तो नाम में क्या रखा है सीधे मुद्दे पर आते हैं।
जाहिर सी बात है, पढ कर तो यही लगता है कि हरि के लिये ही कहा होगा आज तक सभी यही बताते भी [...]

नोटपैड की महिमा

आओ सुनाये प्यार की एक कहानी, एक था लड़का एक थी नोटपैड…, ये कब हुआ, कैसे हुआ हमको तो होने के बाद ही पता चला। शुरूआत में तो हम नोटपैड को तुच्छ ही समझते आये थे, कभी कभार एक नजर मार ली तो मार ली लेकिन अब तो ये आलम है कि इसके बिना जीना [...]