आओ सुनाये प्यार की एक कहानी, एक था लड़का एक थी नोटपैड…, ये कब हुआ, कैसे हुआ हमको तो होने के बाद ही पता चला। शुरूआत में तो हम नोटपैड को तुच्छ ही समझते आये थे, कभी कभार एक नजर मार ली तो मार ली लेकिन अब तो ये आलम है कि इसके बिना जीना […]

हिन्दी ब्लागजगत में दो नयी महिला चिट्ठेकार कदम रख रही हैं, ये दोनों ब्लागर्स पार्क में अपने चिट्ठे लिखा करेंगी। जहाँ इनमें से एक पहले से ही ब्लोग से अच्छी खासी परिचित हैं वहीं दूसरी ब्लोग से अनिभिज्ञ।
सबसे पहले बात करते हैं कुहु की, ये वर्तमान में भारत में रहती हैं और काफी समय […]

अब तक काफी लोग हमारी पिछली पोस्ट से वाकिफ हो गये होंगे, उस पोस्ट से हम देखना ये चाहते थे कि पाठक (या चिट्ठेकार) टिप्पणी टाईटिल को देखकर करते हैं या उस लेख में लिखे कंटेंट को देखकर। अगर पूरे प्रयोग को देखें तो पहला भाग था टाईटिल से पाठक को खींचकर लाना और दूसरे […]

गुलाम अली की एक गजल है, “दिल में एक लहर सी उठी है अभी, कोई ताजा हवा चली है अभी” अगर इसी की तर्ज पर नारद को देखते हुए कुछ कहूँ तो वो कुछ यूँ होगा - “नारद में हिट बड़े हैं अभी, कोई धर्म की बहस चली है अभी”। उल्टे प्रदेश में कोई फरमान […]

अभी अभी जी खबर के हवाले से पता चला कि तिरूपति बालाजी के मंदिर में अब दलित भी जा पायेंगे, यही नही जो पुजारी हैं वो एक रात दलित बाडी में रहेंगे और उनके साथ खाना भी खायेंगे। यह बहुत ही स्वागत योग्य खबर कही जायेगी, अभी इस खबर का लिंक मिल नही रहा (मिलते […]

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