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चलो एक तो अच्छी खबर

अभी अभी जी खबर के हवाले से पता चला कि तिरूपति बालाजी के मंदिर में अब दलित भी जा पायेंगे, यही नही जो पुजारी हैं वो एक रात दलित बाडी में रहेंगे और उनके साथ खाना भी खायेंगे। यह बहुत ही स्वागत योग्य खबर कही जायेगी, अभी इस खबर का लिंक मिल नही रहा (मिलते [...]

[ More ] April 8th, 2007 | 5 Comments | Posted in खबर गरमागरम |

प्रेम कविता – एक बार फिर

प्रेम कविता लिखने की, एक दिन हमने भी ठानी लिखने से पहले मन बोला, कहाँ है दिल की रानी। कहाँ है दिल की रानी, जो प्रेम रस को घोले अपना भी दिल कभी, कुछ इलु इलु बोले। आये कोई, हमें भी, जो थोड़ा दर्द दे जाय कवि ना बन पाये ये दिल तो शायर बन [...]

[ More ] April 8th, 2007 | 4 Comments | Posted in खालीपीली |

निशब्दः बच्चे कितने मन के सच्चे?

मैं निशब्द मूवी की बात नही कर रहा, आज ये खबर पढी (देखी) और पढ कर कुछ कहते जैसा नही बना। क्या दोष बच्चों का है (क्या मुझे बच्चे कहना चाहिये?) या अभिवावकों का और या अध्यापकों का और या स्कूल के वातावरण या सिस्टम का? जिस तरह से इस तरह की घटनायें अमेरिकी स्कूलों [...]

[ More ] April 6th, 2007 | 6 Comments | Posted in समाज और समस्‍या |

अलविदा हिंदी अलविदा ब्लोग

बहुत टाईम खोटी कर लिया इस लिखने पढने के चक्कर में, आज सोच लिया है कि बस अब और नही, और टाईम खोटी करने के लिये टाईम नही है। यहाँ तक की लाईनें १ अप्रैल को ध्यान में रख कर लिखी गयी थीं। इसलिये हिंदी के इस ब्लोग को विदा कर ही लेते हैं, आज [...]

[ More ] April 1st, 2007 | 5 Comments | Posted in खालीपीली |
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