13 Apr
Posted by Tarun as मस्ती-मजा, व्यंग्य
Tags: व्यंग्य, मस्ती मजा, मस्ती मजा, व्यंग्य, notepadआओ सुनाये प्यार की एक कहानी, एक था लड़का एक थी नोटपैड…, ये कब हुआ, कैसे हुआ हमको तो होने के बाद ही पता चला। शुरूआत में तो हम नोटपैड को तुच्छ ही समझते आये थे, कभी कभार एक नजर मार ली तो मार ली लेकिन अब तो ये आलम है कि इसके बिना जीना […]
हिन्दी ब्लागजगत में दो नयी महिला चिट्ठेकार कदम रख रही हैं, ये दोनों ब्लागर्स पार्क में अपने चिट्ठे लिखा करेंगी। जहाँ इनमें से एक पहले से ही ब्लोग से अच्छी खासी परिचित हैं वहीं दूसरी ब्लोग से अनिभिज्ञ।
सबसे पहले बात करते हैं कुहु की, ये वर्तमान में भारत में रहती हैं और काफी समय […]
अब तक काफी लोग हमारी पिछली पोस्ट से वाकिफ हो गये होंगे, उस पोस्ट से हम देखना ये चाहते थे कि पाठक (या चिट्ठेकार) टिप्पणी टाईटिल को देखकर करते हैं या उस लेख में लिखे कंटेंट को देखकर। अगर पूरे प्रयोग को देखें तो पहला भाग था टाईटिल से पाठक को खींचकर लाना और दूसरे […]
10 Apr
Posted by Tarun as खालीपीली
Tags:hindu, kids, muslim, templeगुलाम अली की एक गजल है, “दिल में एक लहर सी उठी है अभी, कोई ताजा हवा चली है अभी” अगर इसी की तर्ज पर नारद को देखते हुए कुछ कहूँ तो वो कुछ यूँ होगा - “नारद में हिट बड़े हैं अभी, कोई धर्म की बहस चली है अभी”। उल्टे प्रदेश में कोई फरमान […]
08 Apr
Posted by Tarun as खबर गरमागरम
Tags:खबर गरमागरम, balaji, dalit, temple, tirupatiअभी अभी जी खबर के हवाले से पता चला कि तिरूपति बालाजी के मंदिर में अब दलित भी जा पायेंगे, यही नही जो पुजारी हैं वो एक रात दलित बाडी में रहेंगे और उनके साथ खाना भी खायेंगे। यह बहुत ही स्वागत योग्य खबर कही जायेगी, अभी इस खबर का लिंक मिल नही रहा (मिलते […]