अब होंगे चिट्ठाकार आमने-सामने
अब चिट्ठेकार होंगे एक दूसरे के आमने-सामने और स्थान होगा, ब्लागर्स पार्क। जी हाँ एक मनोरंजक मुकाबला होने जा रहा है जिसके माध्यम से चिट्ठेकार अलग अलग विषयों में रखेंगे अपने विचार।
आमने-सामने यही है नाम उस मनोरंजक प्रयोगात्मक खेल का और इसे आपके सामने ले कर आ रहा है निठल्ला चिंतन। शायद ये किसी भी भाषा में चिट्ठा करने वालों में अपने आप में पहली तरह का हो। इस खेल में आप दर्शक भी होंगे खिलाड़ी भी।
खेल कुछ यूँ है कि मैं आप में से किन्ही दो चिट्ठाकारों से कुछ सवाल पूछूँगा। आपको ये पता नही होगा कि आपके सामने कौन सा चिट्ठाकार होगा। आपको उन सवालों के जवाब मुझे 1-2 दिन के अंदर भेजने होंगे, फिर मैं उन सवालों और जवाबों को अपने ब्लोग में आमने-सामने सीरिज और खेल के अंतर्गत पोस्ट करूँगा। फिर पाठकों (या दर्शकों) से वोटिंग करायी जायेगी कि किसके जवाब उन्हें सबसे ज्यादा पसंद आये, वोटिंग अगले खिलाड़ियों के खेल के आने तक ओपन रहेगी। जो जितेगा वो अगले राउंड में जायेगा इस तरह से खेल आगे बढ़ता जायेगा लेकिन ये तभी संभव होगा कब आप लोग इसमें उत्साह के साथ हिस्सा लेंगे। यानि कि इंटरव्यू और टैगिंग के खेल को निठल्ले की चासनी में डालकर थोड़ा पकाकर एक नयी डिश।
सवाल क्या होंगे? सवाल कुछ भी हो सकते हैं, सामाजिक मुद्दे, करेंट अफेयर, मस्ती के किसी भी तरह के? सवाल आयेंगे कहाँ से? आप भी अपने सवाल भेज सकते हैं जो हम इस खेल में दूसरे खिलाड़ियों से पूछेंगे? आपके सवाल के सलेक्ट होने की सिर्फ 90 प्रतिशत गारंटी है बाकि का 10 प्रतिशत हम रिजेक्ट करने के लिये रख लेते हैं। सवाल आप रीडर्सकैफे एट जीमेल डॉट कॉम पर ही भेजिये, टिप्पणी के द्वारा भेजे सवाल नही सलेक्ट करे जायेंगे क्योंकि उनका पता सबको पहले ही चल जायेगा।
आप किस तरह से इस खेल में हिस्सा ले सकते हैं? आप इस पोस्ट में सिर्फ अपना वो ही ई-मेल पता डालें जो रेगुलरली चैक करते हैं, मैं रेंडमली दो लोगों को पिक करूँगा और उन्हें सवाल भेजूँगा।
ये सिर्फ खेल है और आप से ये आशा कि जाती है कि आप इसे खेल भावना के साथ ही खेलेंगे। खेल के साथ साथ कुछ ज्वलंत मुद्दों पर साथी चिट्ठेकारों के विचार जानने की भी कोशिश है। इस खेल के बारे में आपका क्या कहना है, अपने विचार बताना मत भूलियेगा, इस खेल को सफल बनाने के लिये आप सबका सहयोग का आकांक्षी हूँ और आभारी भी।
आमने-सामने नामक श्रृखंला का पहला मुकाबला तैयार है और मुकाबले का मैदान है ब्लागर्स पार्क।
ठीक है, खेल भावना से ही खेलेंगे…..और कोई भी गारंटी चाहिये तो कहो?
सही जा रहे हो हवा बाजी में…न जाने कहां सर फुट्ट्वल शुरु हो…तब हम भाग जायेंगे.
चलो, खेल के देखते हैं।
क्या दिमाग पाया है!!
बधाई….शुभकामनाएं…
शुरु करें।
बढ़िया प्रयोग
हम तो खेलों के बारे में यह जानते हैं कि गेन्द को दूसरे के कोर्ट में जो लुढ़का सके वही विजेता होता है । सो वही करेंगे ।
घुघूती बासूती
हुम्म
हम्म, अच्छा खेल शुरु किए हो। शुभकामना इस आयोजन के लिए।
कहा है खॆल हमे तो लगता है एमपायर वेम्पायर के पीछे भाग गया पकड के लाओ भाई हमे खॆल खेलना है
[...] आमने-सामने के बार में जानने के लिये यहाँ क्लिक कीजिये और इसके पहले एपिसोड के लिये जो १ साल [...]
बहुत अच्छा आइडिया है, यह तो !
[...] अगर आप पहली बार इसे पढ़ने आये हैं तो जरूर सोच रहे होंगे ये भला क्या है? तो आपको ये सब इन लिंकों से पता चल जायेगा। आमने-सामने के बार में जानने के लिये यहाँ क्लिक कीजिये। [...]
[...] आमने-सामने के एपिसोड ४ में आज सवालों के जवाब देने के लिये आमने सामने हैं - तरकश के तीर “संजय” और दुनिया मेरी नजर से के “अमित”। अगर आप पहली बार इसे पढ़ने आये हैं तो जरूर सोच रहे होंगे ये भला क्या है? तो आपको ये सब इन लिंकों से पता चल जायेगा। आमने-सामने के बार में जानने के लिये यहाँ क्लिक कीजिये। [...]