लता मंगेशकर को तो सभी जानते हैं, हजारों गाने वो गा चुकी हैं लेकिन वो ऐसी गलती कर सकती हैं यकीन नही होता। किसी की तो है या तो लताजी की या फिर उस गीतकार की जिसने ये गीत लिखा। कई लोगों की तरह वो हमारी भी पसंदीदा गायिकाओं में से हैं, इसलिये हमें तो कतई यकीन नही हो रहा। लेकिन कुछ तो चक्कर है, हमारी समझ में तो नही आया, क्या आपमें से किसी को पता है या बुझ सकता है?

नेपाली गोरखाओं का साहब जी को शाहब जी (शाब जी) कहना किसी से नही छुपा है, यहाँ तक कि अगर आपके कोई पहाड़ी दोस्त हों तो कभी कभी उनके मुँह से भी “स” की जगह पर हो सकता है आप “श” सुन लें।

लेकिन किसी हिन्दी गायक के मुँह से और वो भी लताजी जैसी गायक, थोड़ा अटपटा लगता है ना। आप में से किसी ने कभी क्या ये नोट किया? आप भी “हम आपके हैं कौन” का ये गीत ध्यान से सुनिये फिर बताईये, इस गाने में लता जी ने कहाँ कहाँ पर “स” को “श” कह कर बोला या गाया है। गौर देने लायक है कि मैने कहाँ कहाँ कहा, इसका मतलब है ये एक से ज्यादा जगह पर हुआ है।

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उसके बाद इसी गीत को एक बार फिर ध्यान से सुनिये लेकिन इस बार नीचे वाला गाना चलायें, यहाँ सब कुछ ठीक ठाक सुनायी देता है। इस गीत की साउंड क्वालिटी थोड़ा अच्छी नही है लेकिन मकसद हल हो जाता है।

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अब सवाल उठता है कि पहले वाला गीत किस की आवाज में है? लगती तो लताजी की ही है, तो फिर क्या ये गीत दो बार रिकार्ड किया गया? कोई थोड़ी से रोशनी डाल सकता है क्या, भैया हमें भी बताओ ये माजरा क्या है?

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