अलविदा हिंदी अलविदा ब्लोग

बहुत टाईम खोटी कर लिया इस लिखने पढने के चक्कर में, आज सोच लिया है कि बस अब और नही, और टाईम खोटी करने के लिये टाईम नही है।

यहाँ तक की लाईनें १ अप्रैल को ध्यान में रख कर लिखी गयी थीं। इसलिये हिंदी के इस ब्लोग को विदा कर ही लेते हैं, आज के बाद कंट्रोल पैनल अंग्रेजी में ही प्रकाशित होगा। नारद से कंट्रोल पैनल हो जायेगा गायब अगर आप में से कोई गैर हिंदी भाषा में इसे पढने का शौकीन हुआ तो हम यही कहेंगे कि या तो सब्सक्राइब कर ले या कुछ और उपाय।

अगले कुछ लेख गुगल और फायरफोक्स के हैक्स (tips & tricks) से सम्बंधित रहेंगे।

ये पिक्चर विडियो बनाने के बहुत बाद मिली

Guru

About the Author

Tarun
निठल्ला चिन्तन एक आक्रौश है विचारों की आंधी का, एक द्वंद है सच और झूठ का, एक भावना है प्यार की, एक तमन्ना है आकाश छूने की, कुछ कहने की और कुछ अनकही छोड़ देने की; संक्षेप में कहूँ तो ये है थोड़ी मस्ती थोड़ा चिंतन।

[आपकी हर तरह की टिप्पणी का स्वागत है, ये प्रोत्साहन तो देती ही है साथ में ये भी पता चलता है कि आप लोग किस तरह के आलेखों की अपेक्षा करते हैं। और अगर आप चाहें तो निठल्ला चिंतन को सीधे ईमेल के द्वारा सब्सक्राईब कर सकते हैं और या फिर फीड रीडर में सब्सक्राइब करके भी पढ़ सकते हैं]

5 Responses to “ अलविदा हिंदी अलविदा ब्लोग ”

  1. कमाल है। मजा आ गया चैपल को चप्‍पल के साथ देख कर

  2. ये फोटो भी मजेदार रहा. बाकि तो हम यह सोच कर आये थे कि आप जा रहे हो.. थोड़ा बिदाई भेंट हो जाये मगर .. :(

  3. जैसे चैपल के दिन सुधरे वैसे सभी के सुधरे। :) अच्छा चित्र है बुश का भी लगाते तो अच्छा लगता।

  4. वाह-२, चप्पल की सही जगह यही है। ऐसा ही होता है जब कोई फटीचर खां अख़बार में टुच्चे कॉलम लिखते-२ अपने को फन्ने खां समझ कोच बन जाता है।

  5. काहे भईया हिन्दी में “नियंत्रण कक्ष” बंद क्यों कर दिया?

    खैर चैपल की बोत सही फोटू लाए। उससे कहे अब जूते बनाने में प्रयोग करे। :)

Leave a Reply

You can use these XHTML tags: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <blockquote cite=""> <code> <em> <strong>