आज होली की सिर्फ कोरी बधाई ही नही दी जा रही है बल्कि कुछ मस्ती भरे होली के गीत भी आपकी खिदमत पेश हैं, आईये, सुनिये और होली का मजा लीजिये। निठल्ला चिंतन पढने वाले सभी पाठकों को होली की रंग भरी शुभकामनायें, दिल रंगिये, दूसरों को रंगिये और कोई नही मिले तो शीशे के सामने खडे हो खुद को रंगिये बस ध्यान रहे कि इस होली में कोरे ना छूटें। अब होली के गीत सुनने से पहले इसकी फीस यानि कि पहले होली के अवसर पर लिखी हमारी ये गजलनुमा कविता पढिये उसके बाद गाने के मजे लीजिये।

आज के दिन इस दुनिया में, फिर बंदूक चलेगी
कहीं निकलेगी गोली इससे, और कहीं होली मनेगी।

कहीं पे बच्चे ले के घूमें, बंदुकनुमा पिचकारी
और देखो कहीं पे गूँजें, बच्चों की सिसकारी।

रंग वही है लाल सब जगह, मगर फर्क है इतना
एक रंग से नफरत फैले, दूजे में प्यार है कितना।

आओ मिला दें सब रंगों को, हर दिल में प्यार जगा दें
अगली होली से पहले, हम नफरत दूर भगा दें।

कहे ‘तरूण’ इस होली देखो, सुंदर प्यारा सपना
सबके दिल में प्यार बढे, सागर में पानी जितना।

अब कुछ मेरी पसंद के होली के गीत आपकी खिदमत पेश हैं, शुरूआत करेंगे मन्ना दा की मदमस्त आवाज से फिर धीरे धीरे बढेंगे पुराने गानों से नये गानों की ओर।

(प्ले के साईन पर डबल क्लिक कीजिये)  

होली रे होली
होली आयी होली
मारो भर भर के पिचकारी
होली के दिन
होली खेले रघुवीरा
कोई भीगा है रंग से
देखो आयी होली

अब मजा लीजिये होली के दो ऐसे गीतों का जो शायद बहुत ही कम बजते हों, पुराने गीत हैं सबको पसंद आने की गारंटी हमारी तो कतई नही है लेकिन गाने मधुर हैं।

आई आई रे होली
चुनर मोरी कोरी

और अब होली का ये गीत बिल्कुल ही अलग अंदाज में कैलाश खेर की सूफियाना आवाज में, बहुत ही मस्त गीत है

ऐ गोरी ऐ गोरी:

होली हो, रंग हो, मस्ती का माहौल हो और ये गीत ना बजे ऐसा हो सकता है क्या भला, कम से कम हमने तो ऐसा ही देखा है।

डिस्क्लेमर:होली के ये गीत सिर्फ होली का माहौल बनाने के लिये हैं, ये कहीं से भी असली सीडी और कैसेट का विकल्प नही है। पसंद आने पर कृप्या असली कैसेट और सीडी ही खरीदें।

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