Archive for February 2007
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बूँद जो बन गयी मोती की तर्ज पे ही हम वो बात बता रहे हैं जो खत्म होते होते एक चुटकला बन गयी। ये वाक्या अभी कुछ दिनों पहले हमें दी गयी पार्टी का है, हमारे एक दोस्त अच्छा गाना गाते हैं तो जैसा कि पार्टी में होता है सब ने बोलना शुरू कर दिया [...]
आखिरकार फिल्म पूरी हो ही गई, फिल्म जगत के इतिहास में ये शायद पहली फिल्म होगी जो किसी ब्लोग या चिट्ठे में रीलिज हुई हो। पहले कहानी टीपने का इरादा था लेकिन बाद में खुद की स्क्रिप्ट लिखनी पढी, आवाज देने को कलाकार पूरे नही मिले इसलिये पूरा मजा लेने के लिये टाईटिल पे भी [...]