17 Feb
Posted as मस्ती-मजा, व्यंग्य
Tags:मस्ती मजा, व्यंग्य, himesh, jokes, reshamiyaबूँद जो बन गयी मोती की तर्ज पे ही हम वो बात बता रहे हैं जो खत्म होते होते एक चुटकला बन गयी। ये वाक्या अभी कुछ दिनों पहले हमें दी गयी पार्टी का है, हमारे एक दोस्त अच्छा गाना गाते हैं तो जैसा कि पार्टी में होता है सब ने बोलना शुरू कर दिया उनसे गाना सुनाने के लिये। तो हमारे वो दोस्त बोले आज नही, आज गला खराब है तो गाना नही सुना सकते, उनकी बात सुनते ही हमारे दूसरे दोस्त की हमकदम हमनिवाला यानि कि बेगम साहिबा ने झठ से फरमाया तो ठीक है फिर हिमेश रेशमिया का कोई गीत सुना दीजिये।
3 Responses
श्रीश शर्मा 'ई-पंडित'
February 18th, 2007 at 4:48 am
1बोत सई चुटकुला है जी, सुना हिमेश भाई नाक से गाने की बजाय गले से गाने की सोच रहे हैं तो आपके दोस्त का चांस बन जाएगा।
समीर लाल
February 18th, 2007 at 8:38 am
2:) हा हा. अक्सर ऐसी मजेदार बातें हो जाती हैं.
अतुल
February 18th, 2007 at 2:07 pm
3वो कुमार सानु का भी गाना गा सकते थे. वैसे मेरे साथ भी बिल्कुल ऐसी ही घटना घटी कई वर्षों पूर्व जब गला खराब का बहाना बनाने वाले गवैय्ये से किसी ने शैलेन्द्र सिंह का गाना गाने को कहा.
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