आखिरकार फिल्म पूरी हो ही गई, फिल्म जगत के इतिहास में ये शायद पहली फिल्म होगी जो किसी ब्लोग या चिट्ठे में रीलिज हुई हो। पहले कहानी टीपने का इरादा था लेकिन बाद में खुद की स्क्रिप्ट लिखनी पढी, आवाज देने को कलाकार पूरे नही मिले इसलिये पूरा मजा लेने के लिये टाईटिल पे भी नजरें जमायें रखिये। आप मजे ले कर फिल्म देखिये उसके बाद फिल्म समीक्षा करना मत भूलियेगा।
16 Responses
सागर चन्द नाहर
February 16th, 2007 at 1:16 am
1फिल्म अच्छी थी पर सबटाइटल्स अगर हिन्दी में होते तो ज्यादा अच्छा लगता।
maithily
February 16th, 2007 at 1:24 am
2बहुत बहुत मजा आया. अगर आप दिखाते रहेंगे तो हम हमेशा देखते रहेंगे
pankaj bengani
February 16th, 2007 at 1:32 am
3आपके माध्यम से आज मुझे http://www.lionhead.com/themovies/index.html इस साइट के बारे मे पता चला, मुझे बहुत अच्छा लगा.
डेमो में ये लोग कितनी सुविधा देते हैं यह तो चलाकर देखने से ही पता चलेगा.. वैसे इसकी किमंत कितनी है इस पर जरूर प्रकाश डालें…
मै भी कभी कोई फिल्म बनाना चाहुंगा.
आपके मार्गदर्शन की आवश्यक्ता होगी. धन्यवाद.
Divyabh
February 16th, 2007 at 4:37 am
4ये हम पर ज्यादती हुई हमे Asst..Dr.. का भी मौका नहीं दिया…पहले तो बधाई की World Hindi Blogging Theatre में प्रथम Premier हुआ अब कुछ मिठा नहीं होगा तबतक समीक्षा कैसे करुं…!!बनाते रहें बधाई-200 times>
श्रीश शर्मा 'ई-पंडित'
February 16th, 2007 at 6:09 am
5फायरफॉक्स में कुछ नहीं खुला, बोल रहा है Your browser is not configured correctly to receive WMV streamed video
Please refer to our FAQ
समीर लाल
February 16th, 2007 at 9:45 am
6ऑफिस से यह फायरवाल के चक्कर मे नहीं खुलती, अब घर जाकर देखूँगा, तभी कुछ बता पाऊँगा.
Kailash Pant
February 16th, 2007 at 1:58 pm
7Congratulations! for releasing this first movie thru a Blog. Movie was a good start. Subtitles are too fast that it took me 3 times to understand the complete interview….. otherwise it is a good start.
devesh Nautiyal
February 16th, 2007 at 6:35 pm
8Good attempt!
समीर लाल
February 16th, 2007 at 10:16 pm
9बनी तो फिल्म बेहतरीन है, भाई. मगर आवाज सुपर इंपोज करो न!! सिर्फ़ कैप्शनिंग से नःई मजा आयेगा..ह्यूमेन वाईस जरुरी है.
मेरे लायक इंपोजिशन में मदद चाहिये तो इमेल करो..और भी ब्लाग फिल्में बनायेंगे.
Tarun
February 16th, 2007 at 10:43 pm
10आप सब लोगों का बहु बहुत धन्यवाद।
@सागर, जो सोफ्टवेयर गेम को उपयोग में लाकर फिल्म बनायी है उसमें फिलहाल हिन्दी में टाईपिंग संभव नही।
@मैथिलीजी, धन्यवाद आपको यहाँ देखकर अच्छा लगा।
@पंकज भाई, जरूर जरूर मदद के लिये हम बस एक ईमेल की दूरी पर हैं (साभार जीतू)
@दिव्याभ, शुक्रिया देखने वाले तैयार हैं तो जरूर दूसरी भी आयेगी।
@श्रीश, समीर जी फायरफाक्स में कुछ समस्या है शायद इसलिये नही खुलती।
@कैलाश और देवेश, सराहने के लिये शुक्रिया, वेब में एक्सपोर्ट करने में कुछ पंगा हुआ है जिससे सब-टाईटिल की स्पीड बड गयी।
@समीर जी, आप अगर तैयार हैं तो अगली बार आपको फिल्म में डबिंग का काम पक्का। मेल डबिंग के लिये दो काफी बन्दे हो गये लेकिन जब फीमेल डबिंग के लिये अभी भी आवाज की दरकार है।
Amit Pandey
February 16th, 2007 at 11:33 pm
11quite commendable job…excellent initiative…keep it up Tarun!!
Pankaj Joshi
February 17th, 2007 at 9:19 am
12Awesome!
Amit
February 17th, 2007 at 2:26 pm
13Film theek se dikhi nahin .3 baar try kiya
Mamta
February 17th, 2007 at 7:51 pm
14Nice job Tarun! Movie is hilarious…bahut majaa aaya. Bade Chalo, bade chalo Tarun!!
Subtitles worked but didn’t get any dialogues audio!
Great Attempt!! Congratulations!
अतुल
February 18th, 2007 at 2:16 pm
15डबिंग समस्या? एक बार मिल तो लें लखनवी से.
Tarun
February 18th, 2007 at 2:24 pm
16@अतुल, डबिंग की ऐसी समस्या नही थी, मुख्य कारण था फीमले आवाज का ना मिल पाना
@ममता, आपको मजा आया बडा अच्छा लगा, आने का और देखने का धन्यवाद
@अमित, फायरफाक्स में कुछ प्रोब्लम आती है
RSS feed for comments on this post · TrackBack URI
Leave a reply
अनमोल वचन Quotes
To love oneself is the beginning of a lifelong romance - Oscar WildeCategories
Archives
Meta
Subscribe
कंट्रोल पैनल
Recent Entries
Recent Comments
Most Commented
निठल्ला चिन्तन is proudly powered by WordPress - BloggingPro theme by: Design Disease