क्या आपने कभी इस नाम के बैंक के बारे में सुना है, अगर नही सुना तो ये पढ लीजिये। ये बैंक है उत्तर प्रदेश के एक शहर काशी में, अब आप लोग जरूर सोच रहे होंगे ये कहीं कोई विदेशी बैंक तो नही। जी नही ये विदेशी नही बल्कि खालिस देशी बैंक है। इस बैंक में जमा आपका बेलेंस इस लोक को नही बल्कि परलोक सुधारने के काम आता है क्योंकि यहाँ रूपये पैसे नही वरन् मंत्र और पंचाक्षर जमा किये जाते हैं। फिलहाल तो इस बैंक की कोई ब्रांच नही है इसलिये अगर आप भी अपना खाता खुलवाना चाहते हैं तो आपको इस बैंक के हैड आफिस काशी ही जाना पडेगा। खाता खुलवाना बहुत ही आसान है, वहाँ जाके किसी एक बुक में बस नमः शिवाय लिख दीजिये और आपका खाता चालू। उसके बाद बैंक में जाते रहिये मंत्र और पंचाक्षर जमा कराते रहिये। फिलहाल तो इस बैंक के कुल लगभग ३०,००० सदस्य (कस्टमर) हैं और इनमें से कुछ लोग बाहरी देशों में भी रहते हैं।
3 Responses
संजय बेंगाणी
February 15th, 2007 at 11:09 pm
1ब्याज के रूप में बैंक द्वारा भी कुछ मंत्र जोड़े जाते हैं या नहीं?
Divyabh
February 16th, 2007 at 5:08 am
2वाह क्या बैंक है…।
श्रीश शर्मा 'ई-पंडित'
February 16th, 2007 at 6:17 am
3ये बैंक तो नया होगा शायद पर एक बैंक अयोध्या में बहुत पहले से है, रामनामी बैंक, एक महात्मा थे बहुत सिद्ध और त्यागी उन्होंने शुरु किया था, हर किसी से संकल्प करवाते थे कि इतने रामनाम जरुर जपूंगा। आप कापी/डायरी आदि पर रामनाम लिखिए और उस बैंक में जमा करवा सकते हैं।
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The difference between 'involvement' and 'commitment' is like an eggs-and-ham breakfast: the chicken was 'involved' - the pig was 'committed' - unknownCategories
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