< Browse > Home / मस्‍ती-मजा, व्यंग्य / Blog article: बात जो बन गयी चुटकला

| Mobile | RSS

बात जो बन गयी चुटकला

बूँद जो बन गयी मोती की तर्ज पे ही हम वो बात बता रहे हैं जो खत्म होते होते एक चुटकला बन गयी। ये वाक्या अभी कुछ दिनों पहले हमें दी गयी पार्टी का है, हमारे एक दोस्त अच्छा गाना गाते हैं तो जैसा कि पार्टी में होता है सब ने बोलना शुरू कर दिया उनसे गाना सुनाने के लिये। तो हमारे वो दोस्त बोले आज नही, आज गला खराब है तो गाना नही सुना सकते, उनकी बात सुनते ही हमारे दूसरे दोस्त की हमकदम हमनिवाला यानि कि बेगम साहिबा ने झठ से फरमाया तो ठीक है फिर हिमेश रेशमिया का कोई गीत सुना दीजिये।

Leave a Reply 3,835 views |
Follow Discussion

3 Responses to “बात जो बन गयी चुटकला”

  1. श्रीश शर्मा 'ई-पंडित' Says:

    बोत सई चुटकुला है जी, सुना हिमेश भाई नाक से गाने की बजाय गले से गाने की सोच रहे हैं तो आपके दोस्त का चांस बन जाएगा।

  2. समीर लाल Says:

    :) हा हा. अक्सर ऐसी मजेदार बातें हो जाती हैं. :)

  3. अतुल Says:

    वो कुमार सानु का भी गाना गा सकते थे. वैसे मेरे साथ भी बिल्कुल ऐसी ही घटना घटी कई वर्षों पूर्व जब गला खराब का बहाना बनाने वाले गवैय्ये से किसी ने शैलेन्द्र सिंह का गाना गाने को कहा.

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

टिप्पणियों का शटर नयी पोस्ट पब्लिश करने के बाद कुछ दिनों ही खुला रहता है। पुरानी पोस्टस में आने वाले स्पॉम टिप्पणियों के मद्देनजर यह निर्णय लेना पड़ा, असुविधा के लिये खेद है। आप को अगर ये ब्लोग और इसमें लिखी पोस्ट पसंद आती हैं तो आप इसे सब्सक्राइब करके भी पढ़ सकते हैं, धन्यवाद।