वैसे तो ये पोस्ट हमें दो दिन बाद लिखनी चाहिये थी लेकिन हमें मालूम है कि आज नही लिख पाये तो फिर शायद ही इसका नंबर आयेगा। इसलिये आज को ही २६ तारीख समझ आप भी ये पोस्ट पढ लीजिये।
कभी सोचा नही था कि टाईप कर कर के कुछ पोस्ट करने का सिलसिला यूँ २ […]
24 Feb
Posted by Tarun as मेरी नजर मेरे विचार
Tags:मेरी नजर मेरे विचारआजकल हमारी जालस्थल और चिट्ठाजगत दोनों से दूरी बढती जा रही है और ये बदस्तूर आने वाले काफी वक्त तक जारी रहेगा लेकिन आज जब फुरसत के क्षण में नारद को ऊपर से नीचे तक एक सरसरी निगाह डाल के पिछले कुछ दिनों में पहने उसके कपडो में नजर डाली तो लग गया कि नारद […]
19 Feb
Posted by Tarun as फिल्म समीक्षा
Tags:amitabh, फिल्म समीक्षा, chandrakanta santatti, devki nandan khatri, eklavya, movie reviews, munnabhai chale america, vidhu vinod chopraफिल्म की लम्बाई की तरह ही छोटी समीक्षा की जायेगी, लेकिन जितनी बढिया फिल्म है शायद उतनी बढिया समीक्षा ना हो पाये। विदु विनोद चोपडा की अभी तक मैने सारी फिल्म देखीं हैं और आज ही एकलव्य भी देख कर आये। उन्होने इस फिल्म के साथ भी अपना ट्रैक रिकार्ड बरकरार रखा है जिसका मतलब […]
18 Feb
Posted by Tarun as मेरी नजर मेरे विचार
Tags:मेरी नजर मेरे विचार, blogging, career, chithakari, commercial blogging, hindi, hindi bloggingआजकल व्यावसायिक चिट्ठाकारी पर बहस चालू है, बहुतों ने बहुत कुछ लिखा, विवेचन किया तो मैंने सोचा बजाय हर आलेख पर टिप्पणी करने के क्यों ना उस टिप्पणी को पोस्ट की शक्ल दे दी जाय। व्यावसायिकता की बातें तो बहुतों ने पहले ही कर दी इसलिये मैने सोचा कि क्यों ना चिट्ठाकारों (हिन्दी और अंग्रेजी […]
17 Feb
Posted by Tarun as मस्ती-मजा, व्यंग्य
Tags:मस्ती मजा, व्यंग्य, himesh, jokes, reshamiyaबूँद जो बन गयी मोती की तर्ज पे ही हम वो बात बता रहे हैं जो खत्म होते होते एक चुटकला बन गयी। ये वाक्या अभी कुछ दिनों पहले हमें दी गयी पार्टी का है, हमारे एक दोस्त अच्छा गाना गाते हैं तो जैसा कि पार्टी में होता है सब ने बोलना शुरू कर दिया […]