हिन्दी ब्लोगिंग वर्जीनिया रेडियो पर

सुनिये वर्जीनिया रेडियो पर अनुराग द्वारा आयोजित हिन्दी ब्लोगिंग वार्ता में देबाशीष, ईस्वामी, शुकुल जी और अनुराग के बीच हुई बातचीत। बीच में हम ने भी ट्राई मारा था अपनी टांग अडाने का लेकिन कामयाब नही हो पाये तो जिस दौरान हम स्काईप पर कनेक्टेड थे उतने समय की बातचीत रिकार्ड नही कर पाये, अन्यथा बीच बीच में बजने वाले गानों को छोडकर सभी कुछ रिकार्ड करने की कोशिश की है। तो आपमें से जो नही सुन पाये, यहाँ सुन सकते हैं। (सुनने के लिये प्ले के साईन पर डबल क्लिक कीजिये)

आगाज हुआ इसके साथ  
फिर बातचीत परवान चढी ऐसे  
ऐसे  
और ऐसे  
अन्त में कुछ यूँ हुआ समापन  

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Tarun
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20 Responses to “ हिन्दी ब्लोगिंग वर्जीनिया रेडियो पर ”

  1. तकनीकी कारणों से मैं भी इस बातचीत में शामिल नहीं हो पाया और यह कार्यक्रम सुन भी नहीं पाया। हालाँकि अनुराग, अनूप जी और देबाशीष जी के साथ कार्यक्रम के पहले हमारी बातचीत हुई थी। आपने बातचीत को यहाँ प्रस्तुत करके बहुत अच्छा किया। बहुत-बहुत धन्यवाद। पहली बार ई-स्वामी और अनूप भाई की आवाज सुनने को मिली, जिनके मँजे हुए लेखन के हमलोग कायल रहे हैं। यह चर्चा अच्छी रही। आशा है कि अनुराग इस तरह के आयोजन भविष्य में भी करते रहेंगे।

  2. भाई हम भी इनटरनेशनल हो गये! लेकिन अपनी ही मधुर आवाज हम सुन नहीं पा रहे हैं! इसे जरा बातचीत को पोस्ट करो न! ऐतिहासिक वार्ता है यह भाई!

  3. भई, हम भी तकनीकी,पारिवारिक और व्यक्तिगत वजहों से शामिल नही हो सके, इसके लिए इस शो के मेजबान से व्यक्तिगत रुप से क्षमायाचना कर चुके है। प्रोग्राम बहुत अच्छा रहा।

    अनुराग, इसको आफलाइन रिकार्डिंग करने की कोशिश करेंगे। आप सवाल भेज दीजिए (अगले हफ़्ते के) हम जवाब रिकार्ड करके भेज देंगे।

  4. आपने यहाँ कार्यक्रम को रिकार्ड कर रखने का अच्छा कार्य किया है. मैं किसी भी रूप में इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाया था. यहाँ सुन कर अच्छा लगा. खाश कर ई-स्वामी का ‘अंग्रेजी लहजा’ व फुरसतीयाजी का हिन्दी आग्रह.

  5. अनूप, देवाशीष, ईस्वामी, अनुराग, तुम सब की आवाज़ें सुन कर बहुत अच्छा लगा और इस भेंटवार्ता को सब के लिए प्रस्तुत करने का धन्यवाद.

  6. बहुत ही मजा आया पूरी बातचीत सुन कर।
    सभी भाग लेने वालों को बधाई तथा तरुन जी को धन्यवाद। :)

  7. मजेदार बातचीत रही. खासकर (संभवतः) जूनियर देबू की बीच-बीच में आती विस्मय कारी आवाजें…?

    और, बातचीत में खासतौर पर मुझे याद करने के लिए धन्यवाद. चाहता तो मैं भी था इस बातचीत में भाग लूं, परंतु मैं ठहरा ऑफ़लाइन जीवी, तो यह संभव नहीं हो पाया.

    तरुण को धन्यवाद इस बातचीत को रेकॉर्ड कर यहाँ उपलब्ध कराने के लिए.

  8. अच्छा लगा बातें सुनकर हमतक पहुँचाने का शुक्रिया…।कामना करता हूँ कि हमारी भाषा ऐसे ही लोगों के प्रयास से विश्व खिड़की को खोलती रहे…

  9. वाकई बहुत सार्थक कदम है और अनुराग जी को साधुवाद तथा अनूप भाई, देबु दा और ई-स्वामी जी को बहुत बधाई और धन्यवाद.

    आशा है आप इसे एक लेख में परिवर्तित करके भी पेश करेंगे, हालांकि मैं प्रस्तुत रिकार्डिंग को पूर्ण्तः सुन पाया. :)

  10. तरुन जी को रिकार्डिंग पोस्ट करने का शुक्रिया। आप लोगों को कार्यक्रम अच्छा लगा, इसका भी धन्यवाद। कार्यक्रम के अनुभव मैं जल्दी लिखने की कोशिश करूँगा। भविष्य में क्या किया जा सकता है, ये भी विचार कर के जल्दी ही लिखुँगा।

  11. धन्यवाद!
    बोलने से अधिक ध्यान तो इस बात में रहा की ससुरा स्काईप कनेक्शन ही ना टूट जाए!

  12. तरुण जी, धन्यवाद. सबको सुनना अच्छा अनुभव रहा. अनुराग मिश्रा जी,आपको भी बहुत धन्यवाद.

  13. रिकॉर्डिंग पोस्ट करने के लिये तरुण तुम्हें और अनुराग को इस आयोजन के लिये शुक्रिया! बड़ा ही रोचक और नया अनुभव रहा यह, हालांकि अनुराग ने मुझे मन भर बोलने नहीं दिया ;)

    ईस्वामी ने सही कहा कि हमें बोलने से ज़्यादा कनेक्शन की चिंता सताती रही, अनूप का संपर्क भी बीच बीच में टपकता रहा।

    रवि भैया, जूनियर देबू तो तब तक सो चुके थे तो वो नन्ही आवाज़ किन की थी :), तरुण?

  14. आप सभी लोगों का शुक्रिया करने के लिये शुक्रिया :), और वो आवाज बीच बीच में लिटिल ड्रैगन की ही थी। अपने को पता नही था कि अपना सस्ता सा माइक्रोफोन इतना जबरदस्त है। ;)

  15. [...] सुन सुना 0 minutes पूर्व ज़िंदगी आनलाईन श्रेणी में प्रकाशित टैग: wuvt,hindi,podcast,indicast,indibloggies इस चिट्ठे के नियमित पाठक रेडियो जॉकी बनने की मेरी छुपी अभिलाषा के बारे में पढ़ चुके होंगे, और यह भी कि कैसे मैं अवसर मिलने पर भी यह पूर्ण न कर सका। पर हाल के दिनों में दो ऐसे अवसर मिले जब मुझे श्रव्य माध्यमों पर बोलने का मौका मिला। पहला मौका था रेडियो पर सीधे प्रसारित एक कार्यक्रम में शुमारी का। गीत संगीत में पिरोये इस कार्यक्रम को वर्जीनिया, अमेरिका साथी चिट्ठाकार अनुराग मिश्र WUVT 90.7 FM पर भारतीय श्रोताओं के लिये सप्ताहांत में प्रस्तुत करते हैं। मेरे साथ थे धुरंधर चिट्ठाकार अनूप शु्क्ला और ईस्वामी। तरुण और सृजन शिल्पी भी शामिल होने वाले थे पर दुर्भाग्यवश हो न पाये। अगर आप ने अब तक न सुना हो तो हिन्दी तथा भारतीय भाषा में चिट्ठाकारी पर हुई इस चर्चा के कुछ अंश तरुण के ब्लॉग पर सुन सकते हैं। [...]

  16. [...] I had never used Skype before but am I happy to have used it now. Last fortnight I, along with few blogger friends from the Hindi blogdom, were invited to a live radio show of WUV Radio, a student owned raio station at Verginia tech, which is hosted by fellow blogger Anurag Mishra, where we talked about Hindi blogging, and probably first time ever on radio. [...]

  17. वाह वाह बहुत ही अच्छा रहा यह आयोजन। ईस्वामी, देबु दा और फुरसतिया जी की आवाज को सुनना मजेदार अनुभव रहा। फुरसतिया जी को तरकश पर भी सुन चुके थे लेकिन स्वामीजी और देबुदा को पहली बार सुना। फैंटम की आवाज बड़ी मधुर थी। :)

    बीच बीच में तकनीकी व्यवधान से मजा खराब होता रहा। तरुण भेजी को यह पॉडकास्ट उपलब्ध करवाने के लिए धन्यवाद अन्यथा हम इसे कहाँ से सुन पाते।

  18. पूरी वार्ता की पोस्ट लिख डालें तो, बढ़िया होगा।

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