कुछ यूँ ही
पिछले कुछ दिनों में काफी कुछ घट गया, एक तानाशाह को आनन फानन फांसी दी गयी। सद्दाम के बारे में (जीवन चक्र) जब जी टीवी में बता रहे थे वो सब देखने के बाद बरबस मुझे अनुपजी की एक पोस्ट का टाईटल याद आ गया, ‘ऐसा कोई सगा नही जिसको हमने ठगा नही’। दूसरी खबर, नोएडा में एक घर के पिछवाडे पाये गये १५-१६ मासूम बच्चों के नर कंकाल। जब तक बच्चे एक एक कर गायब होते रहे पुलिस प्रसाशन सोता रहा, अब नर कंकाल मिलने पर सबमें हडबडी मची है। विरोधी नेता गण सरकार को कोसने में लगे हैं और सरकार उन्हें कोई फर्क पडने वाला नही। समझ में नही आता पुलिस और पुलिस थानों का शहर और गावों में काम ही क्या है, इनके रहने ना रहने से मुझे नही लगता कोई फर्क पडने वाला। आधा पुलिस प्रशासन तो नेताओं, अभिनेताओं और रसूख दारों की जान की हिफाजत में लगा रहता है। तीसरी खबर, पहले मैच में मिली जीत से सातवें आसमान में जा पहुँची क्रिकेट टीम फिर से धरातल पर अवतरित हुई। समझ में नही आता जीतने वाली टीम में फरेबदल ना करने का लॉजिक टीम प्रबंधन कब जाकर बदलेगा। खैर अपने को फर्क नही पडता अन्यथा ये बात हमें हारने के दो दिन बाद पता नही चलती।
और इन सबसे बिल्कुल हटके १२ ब्लागरों की लिस्ट निकाली गयी तरकश में, गलत मत समझिये ये कोई वांटेड वाली लिस्ट नही बल्कि उदयीमान ब्लागरस की लिस्ट है। इनमें से वोटिंग द्वारा चुने जायेंगे तीन ब्लागरस, तरकश की टीम हिन्दी में ब्लागिंग को बढावा देने के लिये बधाई की हकदार है। वैसे एक दूसरी लिस्ट भी निकाली जा सकती है जिसमें टॉप थ्री असक्रिय या अनियमित ब्लागर चुने जा सकते हैं ( थोडा मेहनत करने पर इसमें अपना नंबर आने की पूरी उम्मीद है
)।
पुलिस और क्रिकेट के बारे में आपके ख्याल एकदम सही हैं।
चिंता न कीजिए आपको हमारा वोट पक्का रहेगा।