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पैसा भेजो मोबाइल से

January 10th, 2007 | 7 Comments | Posted in ज्ञान विज्ञान

जी हाँ, बिल्कुल सही सुना आपने जल्दी ही आप बैंक के बजाय अपने मोबाइल फोन को पैसा भेजने (मनी ट्रांसफर) के काम ला सकते हैं। पहले यही काम के लिये आपको पोस्ट आफिस जाना पडता था, फिर बैंक के चक्कर लगाने शुरू किये, उसके बाद आया वेस्टर्न यूनियन टाईप की कम्पनियों का दौर या इंटरनेट से बैंक टू बैंक मनी ट्रांसफर। लेकिन जल्दी ही शायद ये संभव हो पाये कि आप घर में बैठे ही अपने किसी भाई बंधु को मोबाइल की मदद से पैसा भेजने लगे। अफ्रीका की एक मोबाइल फोन कम्पनी, सफारीकॉम (वोडाफोन की भी कुछ भागीदारी है) इसी कोशिश में लगी हुई है। फिलहाल तो अभी अफ्रीका में ही एक दूसरे को पैसा भेज सकते हैं लेकिन शायद जल्दी ही इस सेवा को इंटरनेशनल लेवल में पैसा भेजने के काम लाया जा सके।

अब लगे हाथ ये भी बता दें कि ये काम कैसे करता है। आपको अपने मोबाइल फोन के एकाउंट में पैसा रखवाना होता है, उसके बाद जिसे भी पैसा भिजवाना है उसके नम्बर पे भेज दीजिये मोबाइल फोन में मौजूद ‘सेंड मनी’ (पैसा भेजिये) का बटन (या लिंक पे क्लिक करके) दबा के। जिसको पैसा भेजा है वो आफिस में जाके मोबाइल का कोड और आईडी दिखा के पैसा ला सकता है। वैसे तो कुछ नया नही लेकिन कुछ लोगों के लिये सुविधाजनक हो सकता है। इस प्रोजेक्ट का नाम है एम-पैसा

कुछ हटकेः बहुत दिनों तक अपने ब्लोगस को डिजायनर कपडे पहनाने के बाद सोचा कि क्यों ना इनके लिये खुद ही कुछ सिला जाय, तो जनाब ड्रैस लगभग तैयार है। जल्द ही आप निठल्ला चिंतन को नये रूप में देखेंगे। अभी ड्रैस की फीटिंग उत्तरांचल को पहना के की जा रही है, आप भी एक नजर डाल के अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं।

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7 Responses to “पैसा भेजो मोबाइल से”

  1. अनुराग श्रीवास्तव Says:

    तरुण जी,

    शीघ्र ही सारी दुनिया हमारी मुठ्ठी में बंद मोबाइल फोन मेँ समा जाएगी – शीघ्र ही!

  2. Amit Says:

    बहुत दिनों तक अपने ब्लोगस को डिजायनर कपडे पहनाने के बाद सोचा कि क्यों ना इनके लिये खुद ही कुछ सिला जाय, तो जनाब ड्रैस लगभग तैयार है। जल्द ही आप निठल्ला चिंतन को नये रूप में देखेंगे। अभी ड्रैस की फीटिंग उत्तरांचल को पहना के की जा रही है, आप भी एक नजर डाल के अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं।

    तरूण भाई, थीम तो सही लग रही है, क्या पूरी थीम स्वयं बनाई है? आप Squible प्रयोग कर रहे हैं, जहाँ तक मुझे पता है K2 की ही भांति इसमें भी एक से अधिक आवरण की सुविधा है, तो इसी को platform रख इस पर ही नया आवरण चढ़ा देते। :)

  3. Amit Says:

    वैसे जो Squible वाला सुझाव दिया है उसे ट्राई करके देखिएगा, शायद मामला अधिक चकाचक हो जाए! ;)

  4. Tarun Says:

    Amit, Squible use nahi kar reha hoon, Squible ka code sirf comment ke liye use kar reha hoon. design khud se hi teyyar kiya hai. bajay pura code khud se likhne ke kuch kahin se kuch kahin aur se copy kiya, use phir apne hisaab se change kar diya. kahin pe khud ka code likha.

    yaani ki kapre kahin aur se khareed ke silaai kar reha hoon.

  5. Tarun Says:

    @Anurag, lagta to aisa hi kuch hai..

  6. Amit Says:

    अरे नहीं भई, मेरे कहने का अर्थ था कि अभी फ़िलहाल “निठल्ला चिन्तन” पर Squible प्रयोग कर रहे हो ना?

  7. श्रीश शर्मा 'ई-पंडित' Says:

    हाँ जी थीम तो सुन्दर है, थोड़ा हिन्दीकरण की और जरुरत है।

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

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